August 21, 2026

वृंदावन के निर्माणाधीन मॉल में शटरिंग गिरी, तीन मजदूरों की मौत

  • सुबह काम के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा, एक मजदूर गंभीर हालत में आगरा रेफर
  • मलबे में दबे चार मजदूरों को बाहर निकाला गया, पुलिस और दमकल विभाग ने चलाया बचाव अभियान

वृंदावन। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में शुक्रवार सुबह एक निर्माणाधीन मॉल में बड़ा हादसा हो गया। रुक्मिणी विहार क्षेत्र में गोल चक्कर के पास बन रहे ओमैक्स के मॉल में काम के दौरान अचानक शटरिंग का हिस्सा गिर पड़ा। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए आगरा स्थित सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय मजदूरों और निर्माण स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया। मलबे में दबे सभी चार मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, तीन मजदूरों को बचाया नहीं जा सका। जानकारी के अनुसार, रुक्मिणी विहार गोल चक्कर के पास ओमैक्स की ओर से एक बड़े मॉल का निर्माण कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह करीब सात बजे कुछ मजदूर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान शटरिंग का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। शटरिंग के गिरते ही वहां काम कर रहे मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। हादसे के समय चार मजदूर शटरिंग के नीचे दब गए। वहां मौजूद अन्य मजदूरों और कर्मचारियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। कुछ ही देर बाद पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। बताया गया कि एक मजदूर की हालत घटनास्थल से निकालते समय ही बेहद गंभीर थी और उसकी मौत हो चुकी थी। दो अन्य मजदूरों को उपचार के लिए सौ शैय्या अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं चौथे मजदूर को सिर में गंभीर चोट लगी थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे में कुल चार मजदूर शटरिंग के नीचे दबे थे और सभी को सुरक्षित रूप से मलबे से बाहर निकाल लिया गया। नगर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि हादसे में तीन मजदूरों की मौत हुई है, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल है और उसे आगरा भेजा गया है। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान पश्चिम बंगाल और नेपाल के रहने वाले लोगों के रूप में हुई है। मृतकों में पश्चिम बंगाल के कूच बिहार निवासी करीब 28 वर्षीय रफ्यूल, नेपाल के कैलाली जिले के निवासी 42 वर्षीय शिवराम और पश्चिम बंगाल के कूच बिहार निवासी 30 वर्षीय आलम शामिल हैं। वहीं हादसे में घायल मजदूर की पहचान कूच बिहार, पश्चिम बंगाल निवासी दिलदार के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 40 से 45 वर्ष बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार, उसके सिर में गंभीर चोट आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए आगरा भेजा गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस स्थान पर पिछले करीब तीन वर्षों से निर्माण कार्य चल रहा है और प्रतिदिन लगभग 50 मजदूर अलग-अलग कार्यों में लगे रहते हैं। हादसे के समय पांच मजदूर उस स्थान के आसपास मौजूद बताए जा रहे थे। इनमें से एक मजदूर कुछ समय पहले वहां से हटकर दूसरी जगह चला गया था, जिससे वह शटरिंग की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। मृतक शिवराम के परिजनों ने भी हादसे पर दुख जताया है। शिवराम की रिश्तेदार मनीषा के अनुसार, वह हाल ही में काम के सिलसिले में वृंदावन आए थे और कुछ दिन पहले ही उन्होंने निर्माण स्थल पर काम शुरू किया था। परिवार के लोग अचानक हुई इस घटना से सदमे में हैं। हादसे के बाद निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। शटरिंग कैसे गिरी और इसके पीछे तकनीकी खामी, निर्माण सामग्री की कमजोरी या अन्य कोई कारण था, इसकी जांच की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं और हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। मृतकों के शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है। वहीं घायल मजदूर का आगरा में इलाज जारी है। इस दर्दनाक हादसे ने निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा और निर्माण कार्यों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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