यूजीसी-नेट के 84 विषयों का परिणाम जारी, 97 हजार ने पीएचडी के लिए किया क्वालीफाई
- 6.07 लाख अभ्यर्थियों में 4 हजार से अधिक ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए हासिल की पात्रता
- अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र की परीक्षा 9-10 सितंबर को फिर होगी, अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा
नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के 84 विषयों के परिणाम घोषित कर दिए हैं। जून में आयोजित परीक्षा में शामिल करीब 6.07 लाख अभ्यर्थियों में से 97 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने पीएचडी में दाखिले के लिए पात्रता हासिल की है। वहीं, 4 हजार से अधिक अभ्यर्थी जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए सफल हुए हैं। परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद अब अभ्यर्थी अपने परिणाम और संबंधित जानकारी निर्धारित आधिकारिक माध्यम से देख सकते हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के पद के लिए पात्रता निर्धारित करने के साथ जूनियर रिसर्च फेलोशिप और पीएचडी में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की योग्यता तय करने के उद्देश्य से आयोजित की जाती है।
84 विषयों के परिणाम घोषित
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने बताया कि जून में आयोजित परीक्षा के 84 विषयों के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। लाखों अभ्यर्थियों को लंबे समय से परिणाम का इंतजार था। परिणाम घोषित होने के बाद अब सफल उम्मीदवार आगे की प्रक्रिया के लिए अपनी पात्रता और संबंधित निर्देशों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में पात्रता निर्धारित की गई है। इनमें पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्र अभ्यर्थियों की संख्या 97 हजार से अधिक बताई गई है। इसके अलावा 4 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए सफलता हासिल की है।
तीन विषयों की परीक्षा दोबारा होगी
परिणाम जारी होने के साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने तीन विषयों के अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना भी दी है। अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। जून में हुई परीक्षा के दौरान इन विषयों के प्रश्नपत्रों में कई प्रकार की त्रुटियां सामने आई थीं। विशेषज्ञ समिति की समीक्षा में प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टंकण, अनुवाद और भाषा संबंधी गलतियां पाई गई थीं। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने इन विषयों की परीक्षा नए सिरे से कराने का निर्णय लिया।
16 अगस्त को जारी हुई थी उत्तर कुंजी
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने करीब दो महीने बाद 16 अगस्त को यूजीसी-नेट की उत्तर कुंजी जारी की थी। इसी दिन अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों को लेकर विशेष सूचना भी जारी की गई थी। प्रश्नपत्रों में मिली विभिन्न प्रकार की त्रुटियों की समीक्षा के बाद इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया। ऐसे में इन विषयों के अभ्यर्थियों के लिए जारी परिणाम की प्रक्रिया अन्य 84 विषयों से अलग रहेगी।
9 और 10 सितंबर को फिर होगी परीक्षा
अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की दोबारा परीक्षा 9 और 10 सितंबर को आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अनुसार, दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे उन उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, जिन्हें प्रश्नपत्रों में सामने आई त्रुटियों के कारण दोबारा परीक्षा देनी पड़ रही है। अभ्यर्थियों को परीक्षा से जुड़ी नई सूचना, केंद्र और समय आदि की जानकारी निर्धारित माध्यम से प्राप्त करनी होगी।
सहायक प्राध्यापक और शोध के लिए अहम परीक्षा
यूजीसी-नेट देश की प्रमुख पात्रता परीक्षाओं में शामिल है। इसके माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक बनने के इच्छुक उम्मीदवारों की पात्रता निर्धारित की जाती है। इसके अलावा जूनियर रिसर्च फेलोशिप के माध्यम से शोध के क्षेत्र में जाने वाले अभ्यर्थियों को अवसर मिलता है। पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्रता हासिल करने वाले 97 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के लिए भी परिणाम महत्वपूर्ण है। अब वे संबंधित विश्वविद्यालयों और संस्थानों में पीएचडी प्रवेश की आगे की प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
अभ्यर्थियों को परिणाम की जांच की सलाह
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने 84 विषयों के परिणाम जारी कर दिए हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों को अपने परिणाम की जांच करने और आगे की प्रक्रिया से जुड़े निर्देशों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। वहीं अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी होगी। इन तीनों विषयों की परीक्षा 9 और 10 सितंबर को होने के कारण उम्मीदवारों के पास तैयारी के लिए सीमित समय है। फिलहाल 84 विषयों के परिणाम जारी होने से लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है। वहीं तीन विषयों की दोबारा परीक्षा की तारीख घोषित होने के बाद अब इन विषयों के उम्मीदवारों की नजर आगामी परीक्षा और उसके परिणाम पर रहेगी।


