September 30, 2026

2008 में कुख्यात रंजीत मुखिया हत्याकांड से लेकर 2026 में पार्षद पति अनिल यादव गोलीकांड तक-शंकर राय के कारनामे पटना पुलिस के लिए चुनौतियां..भोला की हत्या के बाद गिरोह का कमान..

पटना।वार्ड पार्षद पति अनिल यादव पर हुए जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार कुख्यात शंकर राय राजधानी पटना का पुराना अपराधी है।वर्ष 2008 में अपने साथी भोला राय के साथ मिलकर पटना के उत्तरी मैनपुरा क्षेत्र के दबंग तथा कुख्यात मुखिया रंजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। रंजीत सिंह उस समय इलाके का बहुत मजबूत तथा खतरनाक शख्सियत माना जाता था।बताया जाता है कि 2008 के 7 अगस्त को शंकर राय ने भोला राय तथा मिथिलेश के साथ मिलकर सुपारी किलर के रूप में रंजीत मुखिया पर गोलियां बरसाई थी।इस मामले में जवाबी फायरिंग के दौरान शंकर राय को गोली भी लगी थी। रंजीत मुखिया हत्याकांड में तीनों जेल भी गए थे।इस मामले में दीघा के गोरख राय,पप्पू राय,धप्पू राय,पूर्व वार्ड पार्षद सिद्धार्थ कुमार उर्फ बंटी गोप को कोर्ट के द्वारा आजीवन कारावास की सजा दी गई थी।लेकिन बाद में पटना उच्च न्यायालय से सभी अभियुक्तों को राहत मिली।इस घटना के बाद से शंकर ने भोला तथा अन्य के साथ मिलकर अपना गिरोह बना लिया था।लंबे समय तक शंकर तथा भोला ने पटना के कुख्यात सरगना विकास सिंह के सरपरस्ती में भी काम किया है।रंजीत मुखिया हत्याकांड में नाम चमकने के बाद भोला तथा शंकर ने मिलकर पटना में क्या अपराधिक कांडों का अंजाम दिया था। 2018 में पटना के डिप्टी मेयर के पति दीना गोप को शंकर के पार्टनर रहे भोला राय ने बाहुबली विकास सिंह के द्वारा दी गई ए के 47 से दिनदहाड़े भुन दिया था। जिसके बाद इन लोगों का आतंक राजधानी पटना में सर चढ़कर बोलने लगा। किदवई पुरी में 2019 में को कुख्यात रवि गोप को भी शंकर के कहने पर भोला तथा सींपु ने मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी थी। स्थानीय पार्क में हुए इस घटना के बाद आसपास के इलाकों में शंकर -भोला के नाम का खौफ पसर गया था। उसके बाद यह गिरोह पटना में विवादित जमीन का काम करने लगा। राजधानी पटना तथा आसपास के इलाकों में भोला-शंकर मिलकर विवादित जमीन को हथियाने अथवा मैनेज करने का काम कुछ सफेदपोश लोगों के साथ मिलकर करने लगे थे। दोनों ने मिलकर पटना में कई विवादित जमीन को हथियाना का ठेका लिया था।इस दौरान पटना के कई बिल्डरों के लिए उन्होंने जमीन विवाद सुलझाने का भी काम किया था।इसके एवज़ में दोनों ने मोटी रकम वसूली थी।इतना ही नहीं शंकर राय को राजधानी पटना के बोरिंग रोड के पार्किंग से भी पैसा जाता है।कुछ लोग इस रंगदारी बताते हैं। बाद में 2023 के मई में राजधानी पटना के योगीपुर नहर के पास भोला राय की अज्ञात अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी।जिसमें बाद में सिपुल महतो का नाम शूटर के रूप में सामने आया था।कभी दोनों साथ काम किया करते थे। इधर शंकर राय की राजनीतिक अदावत वार्ड 24 के वार्ड पार्षद ज्ञानवती देवी के पति अनिल यादव से थी। लगभग दो दशक से शंकर राय अनिल यादव से टकराने का जुगत भिड़ा रहा था। 2017 में उसने अनिल यादव की पत्नी के खिलाफ अपने परिवार से प्रत्याशी भी खड़ा किया था। लेकिन बुरी तरह से हार गया।अनिल यादव तथा उनके परिवार के आसपास के इलाके में दबदबा है।इसलिए शंकर राय अपने अपराधिक मंसूबों के बल पर कभी सामने से टक्कर नहीं ले सका।इस दफे वार्ड पार्षद पति तथा समाजसेवी अनिल यादव पर जो हमला हुआ है।इस मामले में शंकर राय को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में शामिल शूटर तथा लाइनर को भी गिरफ्तार किया गया है।इसके पूर्व भी शंकर राय कई मामलों में कई बार जेल जा चुका है।लेकिन जब भी वह जेल लाता है। जल्द ही बाहर आ जाता है। इस बार पटना पुलिस के लिए 2008 में रंजीत मुखिया हत्याकांड से लेकर 2026 में वार्ड पार्षद पति अनिल यादव गोली कांड तक को अंजाम दिलाने वाला कुख्यात शंकर राय के आतंक का खात्मा पहली प्राथमिकता है।

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