August 29, 2026

जमुई में 7 साल की बच्ची का शव मिला, हत्या की आशंका

  • शुक्रवार शाम राशन लेने निकली थी बच्ची, रातभर तलाश के बाद निर्माणाधीन मकान की बाउंड्री में मिली लाश
  • गले पर निशान मिलने का दावा, पुलिस ने कुत्ता दस्ता और एफएसएल की टीम को जांच में लगाया

जमुई। बिहार के जमुई में शनिवार सुबह सात साल की बच्ची का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बच्ची शुक्रवार शाम घर से राशन का सामान लेने निकली थी, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी। परिवार ने रातभर उसकी तलाश की। शनिवार सुबह बच्ची का शव घर से करीब 50 फीट दूर एक अर्धनिर्मित मकान की बाउंड्री के अंदर मिला। परिजनों ने बच्ची के साथ गलत काम करने के बाद उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
राशन लेने निकली, फिर नहीं लौटी बच्ची
बच्ची के पिता के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे उनकी सात वर्षीय बेटी किराना दुकान से राशन का सामान लेने घर से निकली थी। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटी तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। रात करीब आठ बजे तक बच्ची का कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने आसपास के इलाकों, परिचितों और रिश्तेदारों के यहां खोजबीन की। परिवार की ओर से रात में पंचायत भी बुलाई गई और स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची को खोजने का प्रयास किया गया। रातभर तलाश के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला।
सुबह बाउंड्री के अंदर मिली बच्ची की लाश
शनिवार सुबह परिवार के लोग नगर थाना में बच्ची के लापता होने की सूचना देने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बच्ची के पिता की फुफेरी बहन ने शव मिलने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पिता अपने बड़े बेटे के साथ मौके पर पहुंचे। बच्ची का शव एक अर्धनिर्मित मकान की बाउंड्री के अंदर पड़ा था। घटनास्थल बच्ची के घर से करीब 50 फीट की दूरी पर बताया जा रहा है। जिस मकान की बाउंड्री के पास शव मिला, वह स्थानीय स्तर पर एक व्यक्ति की निर्माणाधीन इमारत बताई गई है।
गले पर निशान मिलने का दावा
बच्ची के पिता ने उसके गले पर कुछ निशान होने का दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची के साथ गलत काम करने के बाद उसकी हत्या की गई है। वार्ड पार्षद ने भी बच्ची की मौत को लेकर हत्या की आशंका जताई है। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या या गलत काम की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
पार्षद ने भी रातभर तलाश की बात कही
वार्ड पार्षद के अनुसार, बच्ची के लापता होने की सूचना शुक्रवार शाम ही परिवार की ओर से दी गई थी। इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आसपास के क्षेत्रों में काफी देर तक बच्ची की तलाश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। शनिवार सुबह मोहम्मद शफीफ के अर्धनिर्मित मकान की बाउंड्री के अंदर बच्ची का शव मिलने की जानकारी सामने आई। पार्षद ने भी आशंका जताई कि बच्ची की गला दबाकर हत्या की गई हो सकती है। हालांकि इस आशंका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
मौके से चप्पल मिलने के बाद जांच तेज
जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि शुक्रवार से लापता बच्ची का शव निर्माणाधीन मकान की बाउंड्री के पास मिला है। घटना की जांच के लिए कुत्ता दस्ता और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, घटनास्थल और आसपास के इलाके में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्ची शाम के समय किस दिशा में गई थी और उसके साथ कौन-कौन लोग संपर्क में आए। जांच के दौरान घटनास्थल से एक चप्पल भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस चप्पल समेत मौके से मिले अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
परिजनों के आरोपों की भी होगी जांच
बच्ची के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ऐसे में पुलिस के सामने एक ओर बच्ची की मौत की वास्तविक वजह पता लगाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर यह पता करना भी जरूरी है कि घटना से पहले बच्ची कहां गई और उसके साथ क्या हुआ। बच्ची के घर से घटनास्थल की दूरी कम होने के कारण पुलिस आसपास के लोगों की गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है। सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ स्थानीय लोगों के बयान जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सात साल की बच्ची की मौत से परिवार में मातम है और पूरे इलाके में घटना को लेकर आक्रोश का माहौल बना हुआ है।