September 30, 2026

करोड़ों की ‘कमाई’ का हिसाब लेने पहुंची ईओयू,परिवहन विभाग के इनफोर्समेंट सब इंस्पेक्टर अमित गुप्ता के ठिकानों पर बड़ी रेड..भ्रष्टाचार की बड़ी पोल खुली

आरा/पटना।परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता पर अब आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) का शिकंजा कस गया है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में बुधवार सुबह  की अलग-अलग टीमों ने उनके भोजपुर स्थित निजी आवास और पटना के दानापुर स्थित फ्लैट पर एक साथ तलाशी शुरू की। कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में चल रही है।

 

ईओयू के अनुसार, अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ ईओयू थाना कांड संख्या 26/26, दिनांक 29 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है।

 

ज्ञात आय से 1.49 करोड़ ज्यादा संपत्ति का आरोप

 

आर्थिक अपराध इकाई के मुताबिक, विश्वसनीय सूचना के सत्यापन के दौरान अमित कुमार गुप्ता की ज्ञात वैध आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर सामने आया। ईओयू के अनुसार, करीब 1 करोड़ 49 लाख 58 हजार 500 रुपये की ऐसी संपत्ति का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिला है, जिसे आय से अधिक संपत्ति के तौर पर जांच के दायरे में लिया गया है।

 

ईओयू का दावा है कि यह राशि उनकी ज्ञात आय की तुलना में लगभग 148.10 प्रतिशत अधिक है। यही वह आंकड़ा है जिसने परिवहन विभाग के इस अधिकारी की संपत्ति को जांच के केंद्र में ला दिया है।

 

आरा में आलीशान मकान से लेकर पटना के फ्लैट तक जांच

 

ईओयू की पहली टीम भोजपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित अवधपुरी, चंदवा मोड़ के पास उनके निजी आवास पर पहुंची। वहीं दूसरी टीम ने पटना के दानापुर थाना क्षेत्र स्थित साई वरदान सिटी के सी-ब्लॉक के फ्लैट नंबर 609 में तलाशी शुरू की।

 

यानी जांच सिर्फ पैतृक या निजी आवास तक सीमित नहीं है। ईओयू की नजर उन तमाम संपत्तियों और दस्तावेजों पर है, जिनसे अधिकारी की कथित संपत्ति का स्रोत सामने आ सकता है।

 

आरा के गिरिजा मोड़ पर बने भव्य मकान को लेकर भी पहले से चर्चाएं रही हैं। हालांकि इस संपत्ति के संबंध में अंतिम स्थिति तलाशी और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

पटना से मोहनिया चेक पोस्ट तक—अब जांच की नजर

 

अमित कुमार गुप्ता पहले पटना में पदस्थापित थे। हाल ही में उनका तबादला कैमूर के मोहनिया चेक पोस्ट पर प्रवर्तन अवर निरीक्षक के पद पर हुआ है।

 

उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और कथित अवैध कमाई से संपत्ति अर्जित करने के आरोप पहले भी लगाए जाते रहे हैं। भोजपुर जिला ट्रक ओनर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजय यादव ने भी ईओयू में शिकायत देकर अमित गुप्ता की संपत्ति की जांच की मांग की थी।

 

अब ईओयू की कार्रवाई ने इन पुराने आरोपों को भी जांच के दायरे में ला दिया है।

 

छापे में क्या निकला? अभी ईओयू ने नहीं खोला पत्ता

 

फिलहाल दोनों ठिकानों पर दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच की जा रही है। तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी ईओयू ने अभी सार्वजनिक नहीं की है।

 

लेकिन सवाल बड़ा है—एक सरकारी प्रवर्तन अधिकारी की ज्ञात आय और कथित संपत्ति के बीच इतना बड़ा अंतर आखिर कैसे पैदा हुआ?

 

अब ईओयू की तलाशी सिर्फ मकान और फ्लैट की दीवारें नहीं खंगाल रही, बल्कि कथित संपत्ति के स्रोत, खरीद-बिक्री, निवेश और आय के पूरे नेटवर्क का हिसाब तलाश रही है।

 

तलाशी पूरी होने और जांच आगे बढ़ने के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि 1.49 करोड़ रुपये से अधिक की कथित आय से अधिक संपत्ति का राज कितना गहरा है।

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