गयाजी में जहरीली गैस ने ली चार लोगों की जान, पिता-पुत्र समेत दो और ग्रामीणों की मौत
- पुराने कुएं में मोटर ठीक करने उतरा था एक व्यक्ति, दम घुटने पर बेटे ने लगाई छलांग; बचाने उतरे दो अन्य लोग भी नहीं बच सके
- करीब 30 फीट गहरे कुएं से दो शव निकाले गए, दो की तलाश जारी; बचाव अभियान के दौरान अग्निशमन कर्मी भी बेहोश, राज्य आपदा मोचन बल की टीम बुलाई गई
गया। गयाजी के डोभी प्रखंड अंतर्गत गढ़ करमौनी गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में जहरीली गैस की चपेट में आने से पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना एक पुराने कुएं में हुई, जहां मोटर ठीक करने के लिए उतरे एक ग्रामीण की जहरीली गैस के कारण दम घुटने लगा। उसे कुएं के अंदर छटपटाते देख उसका बेटा भी उसे बचाने के लिए कुएं में उतर गया। इसके बाद पिता-पुत्र को बचाने के प्रयास में दो अन्य ग्रामीण भी कुएं में चले गए। कुछ ही देर में चारों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण कुएं के आसपास जुट गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना प्रशासन को दी। जानकारी मिलने के बाद शेरघाटी के अनुमंडल पदाधिकारी, डोभी के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और शेरघाटी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के बाद राहत और बचाव अभियान शुरू कराया। बताया गया कि हादसे का कारण कुएं के अंदर जमा जहरीली गैस बनी। ग्रामीण मोटर ठीक करने के लिए कुएं में उतरा था। अंदर पहुंचते ही उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी और वह पानी में छटपटाने लगा। पिता को संकट में देख उसका बेटा भी बिना स्थिति समझे कुएं में उतर गया। दोनों को बचाने के लिए दो अन्य लोगों ने भी कुएं में प्रवेश किया, लेकिन जहरीली गैस के प्रभाव से सभी बेहोश होकर कुएं के अंदर गिर गए। बाद में चारों की मौत हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया। बचाव दल ने कुएं में उतरकर शवों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। लेकिन कुएं के अंदर जहरीली गैस का प्रभाव इतना अधिक था कि बचाव अभियान में शामिल अग्निशमन कर्मी अजीत कुमार भी उसकी चपेट में आकर बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना के बाद बचाव दल को और अधिक सावधानी के साथ अभियान चलाना पड़ा। प्रशासन के अनुसार कुआं करीब 30 फीट गहरा है। कुएं में जहरीली गैस की मौजूदगी के कारण राहत कार्य काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासनिक और बचाव दल की काफी मशक्कत के बाद दो लोगों के शवों को कुएं से बाहर निकाला जा चुका है। बाकी दो लोगों के शवों को बाहर निकालने का प्रयास जारी है। अभियान को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से पूरा करने के लिए राज्य आपदा मोचन बल की टीम को भी बुलाया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार पुराने और लंबे समय से बंद या कम इस्तेमाल होने वाले कुओं में ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस जमा होने का खतरा रहता है। कुएं के अंदर गिरी सड़ी-गली पत्तियां, खरपतवार और अन्य जैविक पदार्थ जब लंबे समय तक विघटित होते हैं तो उससे मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें बन सकती हैं। बंद वातावरण में इन गैसों की मात्रा बढ़ने पर वहां ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना जांच के कुएं में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीण इलाकों में पुराने कुओं की सफाई या मोटर की मरम्मत के दौरान इस तरह के खतरे को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को बिना सुरक्षा उपकरण और गैस की जांच किए ऐसे कुएं में नहीं उतरना चाहिए। पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि अंदर सांस लेने योग्य वातावरण है या नहीं। पारंपरिक तौर पर दीया या लालटेन जलाकर ऑक्सीजन की स्थिति का अंदाजा लगाने की बात कही जाती है, लेकिन सुरक्षित तरीका गैस की जांच करने वाले उपकरणों और प्रशिक्षित बचाव दल की मदद लेना है। इस हादसे ने गांवों में मौजूद पुराने कुओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों को ऐसे स्थानों पर किसी भी तरह की मरम्मत या सफाई का काम खुद करने के बजाय प्रशिक्षित लोगों और प्रशासन की सहायता लेनी चाहिए। विशेष रूप से एक व्यक्ति के कुएं में फंसने पर दूसरे लोगों को बिना सुरक्षा इंतजाम के तुरंत अंदर नहीं उतरना चाहिए, क्योंकि इससे बचाव की कोशिश करने वाले लोग भी जहरीली गैस की चपेट में आ सकते हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता कुएं में फंसे बाकी दोनों लोगों के शवों को सुरक्षित बाहर निकालना और बचाव अभियान में शामिल कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। चार लोगों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन की ओर से घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है और बचाव अभियान पूरा होने के बाद हादसे के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।


