पटना में चलती होंडा कार में अचानक लगी आग, बाल-बाल बचे बच्चे समेत तीन लोग
- श्रीकृष्णापुरी की संतुष्टि गली के पास इंजन से धुआं निकलने के बाद बोनट से उठीं लपटें, स्थानीय लोगों ने समय रहते सभी को बाहर निकाला
- करीब 20 मिनट तक लोगों ने पानी डालकर बुझाई आग, बाद में पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम; प्रारंभिक जांच में बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट की आशंका
पटना। राजधानी पटना के श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को चलती होंडा कार में अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई। संतुष्टि गली के मोड़ के पास कार के इंजन के अगले हिस्से से पहले धुआं उठता दिखाई दिया। कार चला रहे वाहन मालिक और कारोबारी धर्मेश कुमार ने तत्काल गाड़ी रोककर नीचे उतरकर स्थिति देखने की कोशिश की। इसी दौरान कार के अगले हिस्से यानी बोनट से अचानक आग की तेज लपटें उठने लगीं। कार में उस समय एक बच्चे समेत तीन लोग सवार थे। कार से आग की लपटें उठती देख आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर सबसे पहले कार में सवार तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते सभी लोगों के बाहर निकल जाने से बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने जिस बर्तन से पानी मिल सका, उसी में पानी भरकर जलती कार पर डालना शुरू कर दिया। आग की लपटें तेज होने के कारण केवल आसपास के लोगों की कोशिश से इसे बुझाना आसान नहीं था। इसी बीच घटनास्थल के पास स्थित मकान के मालिक ने अपने घर के पानी के मोटर से जुड़े पाइप को बाहर निकाला और उसकी तेज धार कार पर डालनी शुरू कर दी। स्थानीय लोगों और मकान मालिक की लगातार कोशिशों के बाद करीब 20 मिनट की मशक्कत में आग पर काबू पा लिया गया। घटना के कुछ समय बाद अग्निशमन विभाग की गाड़ी भी मौके पर पहुंची। अग्निशमन कर्मियों ने स्थिति का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि कार में दोबारा आग न भड़के। घटना के कारण कुछ समय के लिए आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई और इलाके में अफरातफरी की स्थिति बनी रही। प्रत्यक्षदर्शी संजय कुमार ने बताया कि वह घटनास्थल से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कार में आग लगी देखी और वहां रुक गए। उनके अनुसार स्थानीय लोगों ने तत्काल मदद शुरू कर दी। सबसे पहले कार में सवार लोगों को बाहर निकाला गया। संजय ने बताया कि कार में कुल तीन लोग थे, जिनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल था। समय रहते लोगों ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, अन्यथा आग तेजी से फैलने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था। कार मालिक धर्मेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी बोरिंग रोड स्थित डॉक्टर अनीता सिंह के यहां भर्ती है। वह अपनी पत्नी और नाती के साथ बुद्धा कॉलोनी से बोरिंग रोड जा रहे थे। संतुष्टि गली के पास पहुंचते ही अचानक कार के इंजन की ओर से धुआं निकलने लगा। उन्होंने तत्काल वाहन रोक दिया और नीचे उतरकर देखने लगे। इसी दौरान बोनट से आग की लपटें निकलने लगीं। धर्मेश कुमार के अनुसार, शुरुआती तौर पर कार में आग लगने का कारण बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद वाहन को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। गनीमत रही कि आग लगने के समय कार में मौजूद तीनों लोगों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। इस कारण घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों की तत्परता से आग को फैलने से रोकने में भी मदद मिली। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो आसपास खड़े अन्य वाहनों और मकानों तक भी लपटें पहुंचने का खतरा पैदा हो सकता था। घटना ने एक बार फिर चलती कारों में अचानक आग लगने की घटनाओं को लेकर वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार वाहन से असामान्य धुआं निकलने या जलने की गंध आने पर चालक को तत्काल सुरक्षित स्थान पर वाहन रोककर सभी यात्रियों को बाहर निकालना चाहिए। आग की स्थिति में वाहन का बोनट खोलने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाना भी जरूरी है। श्रीकृष्णापुरी की इस घटना में स्थानीय लोगों की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण बड़ा हादसा टल गया। आग पर काबू पाने के बाद इलाके में सामान्य स्थिति बहाल हो गई। फिलहाल घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।


