पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता पर आय से अधिक मामले में बड़ी कार्रवाई, पटना समेत चार ठिकानों पर एसवीयू की छापेमारी
- आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटना, नालंदा और खगड़िया में एक साथ कार्रवाई
- खगड़िया स्थित सरकारी आवास से 81 हजार रुपये नकद मिलने की जानकारी, जमीन-जायदाद और निवेश के कागजात खंगाले जा रहे
पटना। बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष निगरानी इकाई ने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। संजय कुमार वर्तमान में खगड़िया में पदस्थापित हैं। विशेष निगरानी इकाई की टीम ने शुक्रवार को उनके चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। कार्रवाई पटना, नालंदा और खगड़िया में की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, संजय कुमार पर आय के ज्ञात स्रोतों से करीब एक करोड़ एक लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है। छापेमारी के दौरान खगड़िया स्थित उनके सरकारी आवास से 81 हजार रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कार्रवाई पूरी होने तक कुल बरामदगी और संपत्ति का वास्तविक आकलन स्पष्ट नहीं हो सकेगा। विशेष निगरानी इकाई की ओर से फिलहाल बरामदगी को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
बिहारशरीफ स्थित पैतृक घर पर पहुंची टीम
विशेष निगरानी इकाई की एक टीम शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे नालंदा के बिहारशरीफ स्थित संजय कुमार के पैतृक घर पहुंची। सोहसराय के बॉलिपर इलाके में स्थित घर पर चार सदस्यीय टीम ने तलाशी शुरू की। स्थानीय पुलिस को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौके पर तैनात किया गया है। निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक विकास श्रीवास्तव भी कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुंचे। टीम अपने साथ दस्तावेजों की प्रतियां तैयार करने के लिए फोटो कॉपी मशीन भी लेकर पहुंची थी। जांच के दौरान घर में मौजूद परिजनों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई। अधिकारियों ने घर के अंदर मौजूद जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेज, बैंक पासबुक, लॉकर की चाबियां और विभिन्न वित्तीय संस्थानों में किए गए निवेश से संबंधित रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया।
घर की घेराबंदी, आवाजाही पर रोक
छापेमारी के दौरान संजय कुमार के पैतृक घर की घेराबंदी कर दी गई। जांच पूरी होने तक घर के सदस्यों को बाहर जाने और किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई। रोजाना घरेलू काम के लिए घर पहुंची सिमरन कुमारी को भी टीम ने दरवाजे से ही वापस कर दिया। सिमरन ने बताया कि वह रोज की तरह काम करने पहुंची थी, लेकिन उसे घर के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। उसने घर के भीतर पुलिस बल के साथ करीब तीन अधिकारियों को जांच करते हुए देखने की बात कही।
भाई ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
छापेमारी के दौरान घर पर मौजूद संजय कुमार के छोटे भाई इन्द्रदेव कुमार ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने उनके बड़े भाई पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है तो वह सही नहीं है। इन्द्रदेव कुमार के अनुसार, छापेमारी के समय संजय कुमार घर पर मौजूद नहीं थे। वह खगड़िया में अपनी सरकारी ड्यूटी पर हैं। हालांकि, जांच एजेंसी की कार्रवाई उनके पदस्थापन वाले जिले तक भी पहुंच चुकी है और खगड़िया स्थित सरकारी आवास पर भी तलाशी ली जा रही है।
खगड़िया के सरकारी आवास से नकदी मिलने की सूचना
विशेष निगरानी इकाई की टीम ने खगड़िया स्थित पथ निर्माण विभाग के सरकारी आवास पर भी कार्रवाई की है। छापेमारी में शामिल एक अधिकारी के अनुसार, यहां से 81 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा आवास और अन्य ठिकानों पर मौजूद दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अभियंता की चल और अचल संपत्ति कितनी है और उनकी घोषित आय की तुलना में संपत्ति में कितना अंतर है। इसके लिए बैंक खातों, निवेश, जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेजों को जांच के दायरे में लिया गया है।
एक करोड़ से अधिक की अतिरिक्त संपत्ति का आरोप
विशेष निगरानी इकाई के अनुसार, संजय कुमार के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक आरोप के मुताबिक, उन्होंने अपनी आय से करीब एक करोड़ एक लाख रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है। जांच के दौरान एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संपत्ति किन माध्यमों से अर्जित की गई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या संस्था के नाम का इस्तेमाल किया गया है। जमीन-जायदाद के कागजात और वित्तीय निवेश के रिकॉर्ड इसी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
चार ठिकानों पर एक साथ चल रही तलाशी
पटना, नालंदा और खगड़िया में चल रही कार्रवाई के दौरान विशेष निगरानी इकाई की अलग-अलग टीमें दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। पटना और नालंदा में छापेमारी जारी रहने की जानकारी है, जबकि खगड़िया स्थित सरकारी आवास पर भी जांच चल रही है। ऐसी कार्रवाई में जांच एजेंसी आमतौर पर संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, निवेश के प्रमाण और लॉकर आदि से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल करती है। इन दस्तावेजों के आधार पर यह आकलन किया जाएगा कि अभियंता की कुल संपत्ति कितनी है और उसमें से कितनी संपत्ति उनकी वैध आय के अनुरूप है।
छापेमारी पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल विशेष निगरानी इकाई का तलाशी अभियान सभी संबंधित ठिकानों पर जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच एजेंसी को कुल कितनी नकदी, दस्तावेज और अन्य संपत्तियों से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। अभी तक खगड़िया के सरकारी आवास से 81 हजार रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है, जबकि बाकी ठिकानों से बरामदगी को लेकर आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही यह तस्वीर साफ होगी कि संजय कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का आरोप कितना सही है और कुल संपत्ति का मूल्य कितना है। फिलहाल विशेष निगरानी इकाई की कार्रवाई जारी है और एजेंसी सभी ठिकानों से मिले दस्तावेजों और वित्तीय जानकारी का मिलान कर रही है।


