पाकिस्तान में इमरान खान की तबीयत बिगड़ी, हालत गंभीर, सुप्रीम कोर्ट ने जेल से अस्पताल भेजने का दिया आदेश
- शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में आज ही भर्ती कराने का निर्देश, स्वास्थ्य जांच के लिए चिकित्सकों का दल होगा गठित
- मेडिकल रिपोर्ट में बढ़ा बीपी और गंभीर मानसिक तनाव दर्ज; पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने भी जताई चिंता, स्वास्थ्य मुद्दे पर राजनीति न करने की सलाह
नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बिगड़ती सेहत को लेकर बढ़ी चिंता के बीच सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा आदेश दिया। अदालत ने जेल में बंद इमरान खान को इलाज के लिए इस्लामाबाद स्थित शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी और उनके परिवार की ओर से लंबे समय से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। अदालत ने उनके उपचार और स्वास्थ्य की निगरानी के लिए चिकित्सकों का एक दल गठित करने का भी निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सामने आई नई चिकित्सा रिपोर्ट के बाद आया है। रिपोर्ट में उनके रक्तचाप में उतार-चढ़ाव और मानसिक तनाव का उल्लेख किया गया है। अदालत के निर्देश के अनुसार उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल ले जाया जाएगा और वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनकी जांच और उपचार किया जाएगा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अस्पताल में उनके रहने की अवधि फिलहाल 16 सितंबर तक या चिकित्सकों के स्वस्थ घोषित करने तक रखी गई है। चिकित्सा रिपोर्ट में इमरान खान का रक्तचाप 140/80 दर्ज किया गया है, जबकि नाड़ी की गति 54 प्रति मिनट बताई गई। रिपोर्ट में चिंता और मानसिक तनाव के लक्षण भी दर्ज किए गए हैं। इससे पहले फरवरी में उनका रक्तचाप 120/80 बताया गया था। उनके स्वास्थ्य को लेकर परिवार और पार्टी नेताओं की चिंता ऐसे समय बढ़ी है, जब इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी और परिवार लगातार उनके स्वास्थ्य की स्वतंत्र और विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच की मांग करते रहे हैं। इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जेल में रहना और अलग-थलग रहने का असर इमरान की मानसिक और शारीरिक स्थिति पर पड़ रहा है। अल्वी ने उनकी ताजा चिकित्सा रिपोर्ट का हवाला देते हुए तनाव के स्तर को लेकर चिंता जाहिर की। इमरान खान के समर्थकों और परिवार के बीच उनकी सेहत को लेकर पहले से ही बेचैनी बनी हुई थी। इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं भी चल रही थीं। उनकी मौत से जुड़ी अपुष्ट खबरों के बीच सामने आई चिकित्सा रिपोर्ट ने इन चर्चाओं को और हवा दी। हालांकि, ऐसी खबरों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अदालत के ताजा आदेश के बाद अब उनका उपचार अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में किए जाने की तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को भी महत्वपूर्ण सलाह दी है। अदालत ने पार्टी से कहा कि इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। जेल में इमरान से मुलाकात के बाद पार्टी नेताओं और परिवार की ओर से सार्वजनिक रूप से दिए जा रहे बयानों को लेकर भी अदालत ने सवाल उठाए। न्यायाधीशों ने कहा कि पार्टी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्वास्थ्य से जुड़े मामले को राजनीतिक विवाद का रूप न दिया जाए। इमरान खान की चिकित्सा स्थिति से जुड़े मामले में उनके परिवार और कानूनी टीम की ओर से अस्पताल में उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा की मांग की गई थी। अदालत के आदेश के बाद अब उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जांच का रास्ता साफ हुआ है। अस्पताल में चिकित्सकों का दल उनकी स्थिति का आकलन करेगा और आगे के उपचार को लेकर निर्णय लिया जाएगा। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद उनके खिलाफ कई मामलों में मुकदमे चले और उन्हें अलग-अलग मामलों में सजा भी सुनाई गई। इमरान और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं। इस बीच उनकी पार्टी के सामने उनकी कानूनी लड़ाई के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य का मुद्दा भी लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के अस्पताल में भर्ती कराने के आदेश को इमरान खान के परिवार और समर्थकों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। अब चिकित्सकों की निगरानी में उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जांच होगी और उपचार की दिशा तय की जाएगी। फिलहाल पाकिस्तान में राजनीतिक गतिविधियों के बीच इमरान खान की सेहत और अदालत के इस फैसले पर सभी की नजर बनी हुई है।


