August 20, 2026

वाराणसी में गैस सिलेंडर विस्फोट से मकान ढहा, भाई-बहन की मौत

  • लहरतारा क्षेत्र में जोरदार धमाके से दहला इलाका, मां समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल
  • रिसाव से हुआ विस्फोट, राहत-बचाव जारी; फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब रसोई गैस सिलेंडर में हुए विस्फोट से एक मकान ढह गया। इस घटना में सगे भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी मां सहित दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। घटना लहरतारा क्षेत्र की है, जहां स्वर्गीय आद्या प्रसाद का परिवार रहता था। मंगलवार सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच घर में खाना बनाने के दौरान अचानक गैस सिलेंडर में रिसाव हुआ, जिसके बाद जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि एक मंजिला पक्का मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया और देखते ही देखते घर मलबे के ढेर में बदल गया। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी और खुद भी बचाव कार्य में जुट गए। घटना के समय घर के अंदर आद्या प्रसाद की पत्नी गिरिजा देवी, उनकी 28 वर्षीय बेटी प्रीति और 30 वर्षीय पुत्र ओम मौजूद थे। विस्फोट के साथ ही मकान का ढांचा इन लोगों पर गिर पड़ा, जिससे वे मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद जब तक ओम और प्रीति को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं गिरिजा देवी और एक अन्य घायल को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस दर्दनाक घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। जवान बेटे और बेटी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों में भी इस हादसे को लेकर गहरा दुख और शोक देखा जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही मंडुवाडीह थाना प्रभारी अजय राज वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य को तेज किया गया। एहतियात के तौर पर आसपास के घरों को खाली करा लिया गया, ताकि किसी अन्य संभावित खतरे से बचा जा सके। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली जा रही है। प्रशासन ने फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया है, जो विस्फोट के सटीक कारणों की जांच कर रही है। हालांकि प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे तक टूट गए। इससे घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता मलबे के नीचे दबे किसी अन्य व्यक्ति की तलाश करना है। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यह घटना गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गैस सिलेंडर के उपयोग में सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी है तथा घटना की जांच की जा रही है। हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और लोग स्तब्ध हैं।

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