August 20, 2026

तृणमूल कांग्रेस का बार काउंसिल पर दबदबा बरकरार, 23 में से 15 सीटों पर शानदार जीत

  • भाजपा और वाम मोर्चे को तीन-तीन सीटें, कांग्रेस के खाते में आईं दो सीटें
  • महिलाओं के लिए आरक्षित पांच सीटों में चार पर तृणमूल समर्थित उम्मीदवार विजयी, जल्द होगा नए बोर्ड का गठन

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद विभिन्न राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस के लिए पश्चिम बंगाल बार काउंसिल चुनाव के नतीजे बड़ी राहत लेकर आए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने बार काउंसिल चुनाव में अपना दबदबा कायम रखते हुए कुल 23 में से 15 सीटों पर जीत दर्ज की है। चुनाव परिणाम बुधवार को घोषित किए गए, जिसके बाद तृणमूल समर्थित वकीलों के बीच जश्न का माहौल देखने को मिला। बार काउंसिल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को केवल तीन सीटों पर सफलता मिली है। वहीं वाम मोर्चा भी तीन सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रहा, जबकि कांग्रेस के खाते में दो सीटें आईं। इस तरह 23 सदस्यीय निर्वाचित बार काउंसिल में तृणमूल कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ है। पश्चिम बंगाल बार काउंसिल की सभी 23 सीटों के लिए चुनाव कराया गया था। राज्य की विभिन्न जिला अदालतों के अधिवक्ताओं ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया। मतगणना पूरी होने के बाद बुधवार को परिणाम घोषित किए गए। नतीजों में तृणमूल कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा और पार्टी ने 15 सीटों पर जीत हासिल कर बार काउंसिल में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। इस चुनाव की एक महत्वपूर्ण विशेषता महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण भी रहा। उच्चतम न्यायालय के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार 23 सीटों में से पांच सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की गई थीं। इन पांच आरक्षित सीटों में से चार पर तृणमूल कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में गई। निर्वाचन प्रक्रिया के बाद उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से दो अन्य महिला सदस्यों को मनोनीत किया जाएगा। इन दोनों सदस्यों के शामिल होने के बाद पश्चिम बंगाल बार काउंसिल में कुल सदस्यों की संख्या बढ़कर 25 हो जाएगी। महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण व्यवस्था माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के लिए इस चुनाव के नतीजे मिले-जुले रहे। पार्टी को पिछले चुनाव में भी तीन सीटें मिली थीं और इस बार भी उसका प्रदर्शन तीन सीटों तक ही सीमित रहा। इस प्रकार भाजपा को सीटों की संख्या के लिहाज से न तो कोई लाभ हुआ और न ही कोई नुकसान। पार्टी अपनी पूर्व स्थिति को बरकरार रखने में सफल रही, लेकिन सीटों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं कर सकी। कांग्रेस ने भी पिछले चुनाव की अपनी दो सीटों को बचाने में सफलता हासिल की। हालांकि वाम मोर्चे को इस चुनाव में एक सीट का नुकसान हुआ है। पिछले चुनाव में वाम मोर्चे के पास चार सीटें थीं, लेकिन इस बार उसे तीन सीटों पर ही जीत मिली। इसके बावजूद वाम मोर्चे ने भाजपा के बराबर सीटें हासिल कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। चुनाव परिणामों में तृणमूल लीगल सेल से जुड़े कई प्रमुख उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। तृणमूल लीगल सेल के शुभाशीष चक्रवर्ती सबसे बड़े अंतर से चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार बने। उनके अलावा वैश्वानर चटर्जी, अंसार मोंडल, अशोक देब, इंद्रनील बसु और सिद्धार्थ मुखर्जी जैसे प्रमुख तृणमूल समर्थित उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की। तृणमूल लीगल सेल से जुड़े संजय बर्धन ने चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य की विभिन्न जिला अदालतों के अधिवक्ताओं ने बड़ी संख्या में मतदान प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम अधिवक्ता समुदाय के बीच तृणमूल समर्थित उम्मीदवारों को मिले समर्थन को दर्शाते हैं। बार काउंसिल के चुनाव को कानूनी क्षेत्र की महत्वपूर्ण संस्थागत प्रक्रिया के रूप में देखा जाता है। बार काउंसिल अधिवक्ताओं से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और पेशेवर मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में 15 सीटों पर जीत के साथ तृणमूल कांग्रेस समर्थित समूह को नए बोर्ड के गठन और बार काउंसिल की आगामी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका मिलने की संभावना है। चुनाव परिणाम आने के बाद अब नए बोर्ड के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है। तृणमूल कांग्रेस समर्थित अधिवक्ताओं की स्पष्ट बहुमत वाली जीत ने पार्टी को कानूनी क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण संगठन में मजबूत स्थिति प्रदान की है। 23 में से 15 सीटों पर जीत के साथ तृणमूल कांग्रेस ने जहां अपना प्रभाव कायम रखा है, वहीं भाजपा तीन सीटों पर सिमट गई है। कांग्रेस ने अपनी दो सीटें बरकरार रखी हैं और वाम मोर्चे को एक सीट का नुकसान उठाना पड़ा है। अब सभी की नजर पश्चिम बंगाल बार काउंसिल के नए बोर्ड के गठन पर टिकी है।

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