पटना में ससुराल में युवक की संदिग्ध मौत, रात में भाई को बोला- मारपीट कर रहे हैं, जांच में जुटी पुलिस
- समस्तीपुर निवासी गोलू उर्फ सोनू पिछले डेढ़ महीने से रह रहा था ससुराल में, सुबह मिली फांसी लगाने की सूचना
- परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस टीम ने जुटाए साक्ष्य; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पटना। राजधानी पटना के दीघा इलाके में रेलवे के एक बड़े कार्यालय के सामने स्थित गली में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान समस्तीपुर जिले के निवासी गोलू कुमार उर्फ सोनू के रूप में हुई है। वह पिछले करीब डेढ़ महीने से अपने ससुराल में रह रहा था। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, पुलिस ने अब तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। मृतक के बड़े भाई सचिन कुमार के अनुसार, घटना से पहले रात करीब 12:30 बजे सोनू ने उनसे फोन पर संपर्क किया था। सचिन का दावा है कि सोनू ने बताया था कि ससुराल पक्ष के कुछ लोग उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। उसने अपने भाई से मौके पर पहुंचकर उसे बचाने की गुहार लगाई थी। सचिन के मुताबिक, फोन पर बातचीत के दौरान सोनू ने यह भी बताया था कि उसके पास मौजूद मोबाइल फोन को कथित तौर पर सबूत मिटाने के उद्देश्य से पास के एक कुएं में फेंक दिया गया है। यह बात सुनने के बाद परिवार के लोग चिंतित हो गए। हालांकि, रात अधिक होने के कारण सचिन ने सोनू को सुबह वहां पहुंचने की बात कही। परिजनों के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे सोनू के ससुर ने फोन कर जानकारी दी कि सोनू ने फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही सचिन स्कूटी से घटनास्थल के लिए रवाना हुए। उनका कहना है कि वह करीब 10 से 15 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गए थे। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद सचिन ने अपने भाई की मौत की जानकारी मिलने पर कई सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिस मोबाइल फोन और जिस नंबर से सोनू ने रात में उनसे संपर्क किया था, वे दोनों फोन अब तक नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोनू के ससुर और उसका बड़ा साला सुबह से दिखाई नहीं दिए। परिजनों ने इन परिस्थितियों को लेकर संदेह जताया है और मामले की गहराई से जांच की मांग की है। मृतक के भाई ने सोनू की पत्नी को लेकर भी आरोप लगाए हैं। सचिन का कहना है कि पारिवारिक विवाद के दौरान सोनू की पत्नी कथित रूप से उससे अपमानजनक बातें करती थी और उसे मर जाने तक के लिए कहती थी। हालांकि, यह आरोप फिलहाल मृतक के परिजनों की ओर से लगाए गए हैं और पुलिस ने इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। जानकारी के अनुसार, सोनू फर्नीचर बनाने का काम करता था। हाल के दिनों में उसका काम ठीक नहीं चल रहा था। इसके बाद उसके ससुर ने उसे अपने साथ ई-रिक्शा चलाने का काम करने के लिए पटना बुलाया था। इसी कारण वह पिछले लगभग डेढ़ महीने से अपने ससुराल में रह रहा था। घटना की सूचना मिलने के बाद दीघा थानेदार अवनीश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई। मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध मानते हुए घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को भी बुलाया गया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अब इन साक्ष्यों की जांच के साथ-साथ मृतक के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है। रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारणों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है। साथ ही पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना की रात वास्तव में क्या हुआ था, सोनू ने किस परिस्थिति में अपने भाई को फोन किया और उसके बाद की घटनाओं का क्रम क्या रहा। मामले में मोबाइल फोन का नहीं मिलना भी जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू बन गया है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर सकती है कि सोनू के पास कितने मोबाइल फोन थे और घटना की रात इस्तेमाल किए गए नंबरों की स्थिति क्या है। यदि आवश्यक हुआ तो फोन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों और कॉल विवरण की भी जांच की जा सकती है। फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दीघा में हुई इस संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर मृतक के परिजन मारपीट और अन्य परिस्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्यों के आधार पर मामले की सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अब जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा कि सोनू की मौत किन परिस्थितियों में हुई।


