August 21, 2026

पटना में आंदोलन पर बोले शिक्षा मंत्री, कहा- सरकार पर भरोसा रखें छात्र, हर समस्या का होगा समाधान

  • टीआरई-4 के 32,388 पदों की अधियाचना आयोग को भेजी, छूटे पद भी जल्द जुड़ने के संकेत
  • गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी, एकल परीक्षा और नकारात्मक अंक की व्यवस्था खत्म करने की मांग

पटना। बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण को लेकर पटना के गर्दनीबाग में छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। परीक्षा के स्वरूप, एकल चरण में परीक्षा कराने और नकारात्मक अंक की व्यवस्था नहीं रखने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच गोपालगंज पहुंचे शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आंदोलन को लेकर सरकार का पक्ष रखा और छात्रों से भरोसा बनाए रखने की अपील की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार के छात्र और युवा राज्य का भविष्य हैं और सरकार उनके भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में खाली पदों को चिह्नित कर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। शिक्षक भर्ती भी इसी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का प्रयास है कि उपलब्ध रिक्तियों को सामने लाकर चरणबद्ध तरीके से नियुक्तियां पूरी की जाएं।
32,388 पदों की अधियाचना पहले ही भेजी
शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण के लिए 32,388 पदों की अधियाचना पहले ही बिहार लोक सेवा आयोग को भेजी जा चुकी है। विभाग की ओर से भेजी गई इस अधियाचना के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है। हालांकि, विभागीय स्तर पर कुछ ऐसे पदों की जानकारी भी सामने आई है, जो पिछली प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके थे। शिक्षा मंत्री के अनुसार, ऐसे छूटे हुए पदों की सूची विभाग ने मंगा ली है और उन्हें भी अधियाचना में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है।
एक-दो दिनों में बढ़ सकते हैं पद
मिथिलेश तिवारी ने बताया कि छूटे हुए पदों की सूची सामान्य शाखा को भेजी जा चुकी है। वहां से आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद अतिरिक्त पदों को शिक्षक भर्ती की अधियाचना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि अगले एक-दो दिनों में शिक्षक भर्ती के कुल पदों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, कितने अतिरिक्त पद जोड़े जाएंगे, इसकी अंतिम जानकारी स्वीकृति और आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आएगी। इस संभावित बढ़ोतरी से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती में अधिक से अधिक रिक्तियां शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
एकल परीक्षा और नकारात्मक अंक पर आयोग लेगा फैसला
गर्दनीबाग में आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में शिक्षक भर्ती परीक्षा को एक ही चरण में आयोजित करना और नकारात्मक अंक की व्यवस्था खत्म करना शामिल है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि परीक्षा प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके और भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी हो। इन मांगों को लेकर जब शिक्षा मंत्री से सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग का मुख्य काम रिक्त पदों की अधियाचना भेजना और नियुक्ति प्रक्रिया के लिए पद उपलब्ध कराना है। परीक्षा का आयोजन किस तरीके से होगा और परीक्षा में नकारात्मक अंक की व्यवस्था रहेगी या नहीं, इसका निर्णय संबंधित आयोग के स्तर पर होगा। इससे साफ है कि परीक्षा के प्रारूप को लेकर छात्रों की मांगों पर अंतिम फैसला शिक्षा विभाग के बजाय संबंधित भर्ती आयोग को करना है।
सरकार पर भरोसा रखने की अपील
शिक्षा मंत्री ने आंदोलन कर रहे छात्रों से सरकार पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं के हित में जो भी आवश्यक कदम होंगे, सरकार उन्हें उठाएगी। उनका कहना था कि रिक्त पदों को सामने लाकर भर्ती प्रक्रिया को गति देने की दिशा में काम किया जा रहा है। मंत्री ने छात्रों को यह भी सलाह दी कि वे किसी के बहकावे में न आएं और सरकार तथा संबंधित संस्थाओं की ओर से जारी आधिकारिक फैसलों का इंतजार करें। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से ले रही है।
मुख्यमंत्री ने विभागों को कार्रवाई की छूट दी
शिक्षा मंत्री के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उनके निर्देश पर विभागों को अपनी-अपनी जरूरत के अनुसार रिक्त पदों की पहचान और भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की छूट दी गई है। सरकार की कोशिश है कि लंबे समय से खाली पड़े पदों को चिह्नित किया जाए और उपलब्ध अवसरों के आधार पर युवाओं को रोजगार दिया जाए। शिक्षक भर्ती के मामले में भी विभागीय स्तर पर इसी दिशा में काम होने का दावा किया गया है।
आंदोलन और आश्वासन के बीच अब फैसले का इंतजार
गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का आंदोलन फिलहाल जारी है। एक तरफ छात्र परीक्षा के प्रारूप और नकारात्मक अंक को लेकर स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं, वहीं सरकार 32,388 पदों की अधियाचना भेजे जाने और अतिरिक्त पद जोड़ने की प्रक्रिया का हवाला दे रही है। अब अभ्यर्थियों की नजर दो महत्वपूर्ण फैसलों पर है। पहला, छूटे हुए पदों को जोड़ने के बाद कुल रिक्तियों की संख्या कितनी होती है और दूसरा, परीक्षा का प्रारूप क्या तय किया जाता है। सरकार के आश्वासन और छात्रों के आंदोलन के बीच आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

You may have missed