जहानाबाद में हत्याकांड के गवाह की गोली मारकर हत्या, आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया
- पुरानी रंजिश और धमकियों का आरोप, परिजनों ने पुलिस की लापरवाही को बताया घटना का कारण
- जनाक्रोश के बाद थाना प्रभारी निलंबित, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी
जहानाबाद। जिले के भेलावर थाना क्षेत्र में एक पुराने हत्याकांड के गवाह की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद पूरे इलाके में तनाव, आक्रोश और असंतोष का माहौल व्याप्त हो गया। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर पटना-गया राष्ट्रीय राजमार्ग-22 को कई घंटों तक जाम रखा। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है तथा पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार की देर शाम भेलावर थाना क्षेत्र के जलालपुर ईंट भट्ठा के समीप हुई। निसरपुरा गांव निवासी 45 वर्षीय मुन्ना कुमार किसी कार्य से जा रहे थे, तभी पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और परिजनों की सहायता से उन्हें तत्काल जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान एवं अस्पताल भेज दिया। वहां उपचार के दौरान देर रात उनकी मृत्यु हो गई। मुन्ना कुमार की मौत की सूचना सोमवार सुबह गांव पहुंचते ही माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग टेहटा के समीप पटना-गया राष्ट्रीय राजमार्ग-22 पर एकत्रित हो गए और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो इस घटना को रोका जा सकता था। राष्ट्रीय राजमार्ग जाम होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री वाहन, मालवाहक वाहन तथा निजी वाहन कई घंटों तक फंसे रहे, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गर्म मौसम और लंबे इंतजार के कारण यात्रियों में भी असुविधा देखी गई। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की बात कहते रहे। मृतक के परिजनों का आरोप है कि यह हत्या कोई अचानक हुई आपराधिक घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी और धमकियों का परिणाम है। परिजनों के अनुसार, 15 मई को मुन्ना कुमार के भतीजे शिवम कुमार की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में मुन्ना कुमार महत्वपूर्ण गवाह थे और न्यायालय तथा पुलिस के समक्ष लगातार मामले की पैरवी कर रहे थे। इसी कारण अपराधियों की ओर से उन्हें कई बार जान से मारने की धमकी दी गई थी। परिजनों का कहना है कि इन धमकियों की जानकारी उन्होंने कई बार भेलावर थाना पुलिस को दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने न तो पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई और न ही आरोपितों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की। उनका आरोप है कि पुलिस की इसी लापरवाही ने अपराधियों का मनोबल बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप गवाह की भी हत्या कर दी गई। इस आरोप के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति भी नाराजगी देखी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष चंद्र चौधरी तथा कई थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। काफी समझाने-बुझाने और कार्रवाई का भरोसा देने के बाद लगभग तीन घंटे बाद राष्ट्रीय राजमार्ग से जाम हटाया जा सका। इसके बाद यातायात को सामान्य किया गया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए भेलावर थाना प्रभारी रंजीत कुमार को निलंबित कर दिया। यह निर्णय पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों और प्रारंभिक जांच में सामने आई तथ्यों के आधार पर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही सिद्ध होती है तो आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दावा किया है कि हत्या में शामिल अपराधियों की पहचान के लिए विशेष जांच दल को सक्रिय कर दिया गया है। विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा। फिलहाल इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और गवाहों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रहे और लोगों का विश्वास बहाल किया जा सके।


