राजीवनगर के अधिग्रहित जमीन पर छह एसडीओ को रोटेशन के आधार पर ड्यूटी पर लगाया, फिर भी नहीं रुका अवैध निर्माण का सिलसिला..जिम्मेदार कौन?

पटना।राजधानी के राजीवनगर तथा दीघा थाना क्षेत्र में बिहार राज्य आवास बोर्ड के अधिग्रहित भूखंडों पर अवैध निर्माण का सिलसिला व्यापक प्रतिबंधों के बावजूद जारी है.जबकि बिहार राज्य आवास बोर्ड के द्वारा राजीवनगर के अधिग्रहित जमीन पर अवैध निर्माण को रोकने के लिए एक साथ छह एसडीओ को रोटेशन के आधार पर ड्यूटी पर लगाया गया है. हैरत की बात तो य़ह है की छह एसडीओ के एक साथ ड्यूटी पर रहने के बावजूद अवैध निर्माण का सिलसिला हमने का नाम नहीं ले रहा है. राजीव नगर विवाद के लंबे अरसे से कायम रहने के दौरान बिहार राज्य आवास बोर्ड के द्वारा अधिग्रहित जमीन पर अवैध कब्जा तथा निर्माण को रोकने के लिए दीघा कैंप कार्यालय के कार्यपालक अभियंता तथा एसडीओ को निर्माण कार्य रोके जाने का उत्तरदायित्व सोपा गया है.इसके बावजूद पहले जब एक अधिकारी प्रभार में हुआ करते थे तो यह चर्चा चलती थी कि उन्हें ‘मैनेज’ करके अवैध निर्माण के कार्य को अंजाम दिया जा रहा है.ऐसी चर्चाओं के बाद बोर्ड ने कार्रवाई करते हुए इसी वर्ष फरवरी माह से इस प्रतिबंधित इलाके में अवैध निर्माण को रोकने के लिए छह एसडीओ को रोटेशन के आधार पर नियुक्त किया. जिनका काम रोटेशन के तहत प्रतिदिन अलग-अलग एसडीओ को इलाके की समीक्षा कर अवैध निर्माण को रोका जाना तय किया गया. बावजूद इसके अवैध निर्माण का सिलसिला जारी है.गौरतलब है कि अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस प्रशासन तथा बिहार राज्य आवास बोर्ड के द्वारा तैनात किए पदाधिकारी की होती है.ऐसे मामलों में कई बार गरीब तबके के आम आदमी द्वारा करवाया जा रहे निर्माण पर तो उनकी नजर जाती है. लेकिन भू माफिया के द्वारा किए जा रहे बड़े कारनामों पर उनकी आंखों पर पट्टी बन जाती है. इस संबंध में नगर विकास एवं आवास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई शिकायत प्राप्त हो रही हैं.जिनके आधार पर जांच करके दोषी पदाधिकारी के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी.

उल्लेखनीय है कि राजीव नगर क्षेत्र में व्याप्त छूट भैया दलाल टाइप तत्वों के द्वारा स्थानीय प्रशासन तथा आवास बोर्ड को मैनेज करके भूमि माफिया का मनोबल बढ़ाया गया है। दलालों के द्वारा चार दीवारें निर्माण से लेकर प्रति फ्लोर ढलाई तक का रेट तय किया जाता है। चर्चाओं के मुताबिक आवास बोर्ड के मुख्यालय में बैठे अफसरों के नाम पर भी अवैध वसूली की जाती है।वहीं दूसरी तरफ स्थानीय कैंप कार्यालय तथा पुलिस-प्रशासन के नाम पर भी अवैध निर्माण करने वाले लोगों से ‘मैनेज’ के नाम पर ‘मोटे माल’ की वसूली की जाती है। बस अवैध निर्माण करने वालों से पूरी प्लानिंग के तहत उगाही कर ली जाती है। राजीव नगर में नियमों के विपरीत लगातार अवैध निर्माण किए जा रहे हैं।अवैध निर्माण को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन बिहार राज्य आवास बोर्ड के कार्यपालक अभियंता के निर्देश पर काम करती है।कई भूखंडों पर अवैध निर्माण के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज किए गए हैं।लेकिन इसके बावजूद लगातार अवैध निर्माण का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

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