बालू माफियाओं का कारनामा: नहर बांध काटकर अवैध रास्ता निर्माण और खनन से खतरा, सोन नहर मंडल ने एसपी वेस्ट से की कार्रवाई की मांग
- कई स्थानों पर नहर बांध काटकर अवैध रास्ता बनाने का आरोप
- अवैध बालू खनन से नहर और पुल-पुलियों को नुकसान
- किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
- पहले भी दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी,प्रशासन ने दो स्थानों से अवैध बांध हटाए
- पुलिस से सख्त कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने की मांग
पटना। सोन नहर प्रमंडल, खगौल के कार्यपालक अभियंता ने पटना पश्चिमी के आरक्षी अधीक्षक को पत्र भेजकर धाना परेव वितरणी क्षेत्र में नहर बांधों को काटकर अवैध रास्ता निर्माण और बालू खनन गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि लगातार नहर बांधों और पुल-पुलियों को क्षतिग्रस्त किए जाने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मणि भूषण सिंह सेंगर ने इस आशय को लेकर सीएम को पत्र लिखा था।जिसके आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है।बालू माफियाओं के इस खौफनाक कृत्य से आसपास के इलाकों में बड़ा पर्यावरणीय खतरा उत्पन्न हो गया है।साथ ही आम जन जीवन में भी जान माल का खतरा मंडरा रहा है। कार्यपालक अभियंता द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार धाना, निसरपुरा, शारदा छपरा, वृद्ध छपरा, धनराज छपरा, लहेलादपुर, जनपरा, बेर, कटारी एवं मझुआरा समेत कई स्थानों पर अवैध बालू खनन में लगे लोगों द्वारा नहर के बांध काटकर रास्ता बनाया जाता है। इससे न केवल नहर संरचना को नुकसान पहुंचता है, बल्कि सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि नहरों पर बने बांध और सरकारी पुल किसानों की सुविधा और सिंचाई प्रबंधन के लिए बनाए गए हैं तथा उनकी नियमित निगरानी विभागीय अभियंताओं द्वारा की जाती है। इसके बावजूद अवैध खननकर्ताओं द्वारा संरचनाओं को बार-बार क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि इस संबंध में पूर्व में भी स्थानीय थाना प्रशासन को सूचित किया गया था और रानी तालाब थाना में 23 फरवरी 2024 को एक प्राथमिकी (संख्या-63/24) भी दर्ज कराई गई थी। हालांकि ग्रामीणों और राहगीरों द्वारा आरोपित व्यक्तियों के नाम बताने से इनकार किए जाने के कारण कार्रवाई में कठिनाई आई। पत्र में यह भी कहा गया है कि जिला खनन पदाधिकारी द्वारा आवंटित बालू घाट संचालकों को अस्थायी पुल निर्माण की अनुमति आवश्यक प्रमाणपत्र और शर्तों के साथ दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद कुछ वैध एवं अवैध बालू संचालकों द्वारा नहर बांध और पुलों का उपयोग कर संरचनाओं को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि 20 मई 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी पालीगंज, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पालीगंज-2 और रानी तालाब थाना की संयुक्त कार्रवाई में शारदा छपरा और धनराज छपरा स्थित दो स्थानों पर नहर बेड पर बनाए गए अवैध बांधों को हटाया गया था। सोन नहर प्रमंडल ने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि संबंधित थानों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि नहर बांधों और पुल-पुलियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके तथा किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सके।


