नीतीश कुमार के नए आवास पर मिलने पहुंचे सीएम सम्राट, कैबिनेट विस्तार पर हुई चर्चा, मंत्रियों की घोषणा जल्द

  • लगभग दो दशक बाद बदला निवास, पूजा-अर्चना के साथ नए बंगले में हुआ प्रवेश

पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने करीब 20 वर्षों बाद अपना आधिकारिक आवास बदल लिया है। उन्होंने राजधानी पटना स्थित 1 अणे मार्ग को छोड़कर अब 7 सर्कुलर रोड स्थित नए आवास में प्रवेश कर लिया है। यह बदलाव राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार के साथ उनके पुत्र निशांत कुमार भी नए आवास में रहेंगे। शनिवार सुबह से ही उनके सामान को नए पते पर स्थानांतरित करने का कार्य जारी रहा, जिसे दिनभर में पूरा कर लिया गया। नए आवास को फूलों से सजाया गया है और सुरक्षा के लिहाज से यहां पहले से ही उच्च श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी गई है। इससे पहले शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर नीतीश कुमार ने नए बंगले में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। पूजा में उनके पुत्र निशांत कुमार भी शामिल हुए। पूजा संपन्न होने के बाद वे पुनः पुराने आवास लौट गए थे, जबकि शनिवार को औपचारिक रूप से नए आवास में स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की गई। नए आवास में प्रवेश के बाद राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गईं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर पहुंचे और नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी पहले से ही वहां मौजूद थे। नेताओं के बीच लगभग 20 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें राज्य की राजनीतिक स्थिति और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले शनिवार सुबह नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव के आवास भी पहुंचे थे, जहां वे लगभग 10 मिनट तक रुके। इसे भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मुलाकात माना जा रहा है। इन बैठकों को आगामी राजनीतिक रणनीति और सरकार के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। करीब दो दशकों तक 1 अणे मार्ग में निवास करने के बाद नीतीश कुमार का यह स्थानांतरण एक नए राजनीतिक अध्याय की ओर संकेत करता है। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने इसी आवास से राज्य की राजनीति को दिशा दी थी। अब उनके नए पते पर स्थानांतरण को कई तरह के राजनीतिक संकेतों से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी इस बदलाव को लेकर पूरी तैयारी की गई थी। सुरक्षा एजेंसियों ने नए आवास पर पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी थी, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही आवास परिसर को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव केवल आवास परिवर्तन नहीं है, बल्कि राज्य की राजनीति में संभावित बदलावों का संकेत भी हो सकता है। विशेष रूप से मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार हो रही बैठकों को देखते हुए आगामी दिनों में कुछ बड़े राजनीतिक निर्णय सामने आ सकते हैं। स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच भी इस बदलाव को लेकर चर्चा बनी हुई है। कई लोग इसे एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं। नीतीश कुमार का 1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रोड स्थित नए आवास में जाना बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बदलाव के बाद राज्य की राजनीतिक दिशा और निर्णयों पर क्या प्रभाव पड़ता है।

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