खाकी दागदार: पुलिस टीम ने ट्रक रोका, चालक के कपड़े उतरवाए, युवती संग तस्वीरें खींची और वीडियो बनाए; मांगे एक लाख, दारोगा सस्पेंड

  • हनी ट्रैप की कहानी बनाकर वसूली के खेल का सनसनीखेज खुलासा
  • नवगछिया पुलिस जिला के रंगरा थाना की गश्ती टीम पर गिरी गाज
  • सोशल मीडिया पर ऑडियो क्लिप और तस्वीरें वायरल होने के बाद एसपी वैभव शर्मा का बड़ा एक्शन

नवगछिया, (भागलपुर)। नवगछिया पुलिस जिला के रंगरा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-31) पर पुलिस की बर्बरता और अवैध वसूली का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पूरे पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया है। रंगरा थाना की गश्ती टीम पर एक ट्रक चालक को जबरन हनी ट्रैप में फंसाने, उसे प्रताड़ित करने, कपड़े उतरवाकर युवती के साथ अश्लील तस्वीरें और वीडियो बनाने और फिर मोटी रकम वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। मामला उजागर होने और शुरुआती जांच रिपोर्ट आने के बाद एसपी वैभव शर्मा के निर्देश पर दारोगा (प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर) धर्मेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं गश्ती दल में शामिल तीन गृहरक्षकों (होमगार्ड) के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई और निलंबन की अनुशंसा की गई है।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रहने वाले ट्रक चालक सुरेंद्र यादव ने पुलिस अधिकारियों को दी गई लिखित शिकायत में आपबीती सुनाई है। सुरेंद्र यादव के अनुसार, 14 जून की रात वह कटिहार से माल लादकर उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान NH-31 पर रंगरा थाना क्षेत्र में गश्ती कर रही पुलिस टीम ने उनके ट्रक को रोक लिया। चालक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पहले उन पर एक बाइक सवार को धक्का मारने का झूठा आरोप लगाया और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की। इसके कुछ ही देर बाद वहां एक अज्ञात युवती को लाया गया। पुलिसकर्मियों ने जबरन चालक के कपड़े उतरवाए और उस युवती के साथ उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो खींच लिए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने इन तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की भारी-भरकम रकम की मांग शुरू कर दी।
एक लाख की मांग, 18,000 ऑनलाइन लेकर छोड़ा
पीड़ित चालक सुरेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई और हाथ-पैर जोड़े, लेकिन मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे पुलिसकर्मी नहीं माने। चालक के बैंक खाते में भी पर्याप्त राशि नहीं थी। इसके बाद गंभीर भय और दबाव के माहौल में चालक ने अपने परिचित से पैसे मंगाए। अंततः करीब 18,000 की ऑनलाइन राशि का भुगतान करने के बाद पुलिस टीम ने उन्हें जाने दिया। भुगतान से जुड़ी रसीद और अन्य डिजिटल साक्ष्य चालक के पास सुरक्षित हैं।
ऐसे खुला वसूली का खेल
घटना के बाद पीड़ित चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने ट्रक मालिक को पूरी जानकारी दी। इसके बाद तुरंत डायल-112 पर कॉल कर इस जबरन वसूली की शिकायत दर्ज कराई गई। ट्रक मालिक ने इस गंभीर मामले की सूचना नवगछिया एसपी समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी दी। इसी बीच घटना से जुड़े कथित ऑडियो क्लिप और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
एसपी के निर्देश पर हुई जांच और कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए नवगछिया एसपी वैभव शर्मा ने तुरंत हस्तक्षेप किया और सर्किल इंस्पेक्टर श्याम नंदन यादव को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी। जांच टीम ने पीड़ित के बयान, शिकायतकर्ता के आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों, कॉल डिटेल (CDR) और ड्यूटी रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की।
जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद एसपी के निर्देश पर:
प्रशिक्षु दारोगा धर्मेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
घटना के समय गश्ती दल में शामिल तीन गृहरक्षकों—अंजनी कुमार चौधरी, मिथुन कुमार और रंजीत कुमार के विरुद्ध भी निलंबन और कठोर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए संबंधित विभाग को पत्र भेज दिया गया है। यह गंभीर मामला है, इसलिए सख्त कार्रवाई की गयी है। पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जायेगा। बिहार पुलिस की जिम्मेदारी आम लोगों और यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने की है। यदि कोई पुलिसकर्मी अपने अधिकारों का दुरुपयोग करता है या आम नागरिकों को प्रताड़ित करने का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। नवगछिया पुलिस जिले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत काम किया जा रहा है।
— वैभव शर्मा, एसपी, नवगछिया

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