जनगणना 2027 के दूसरे चरण की शुरुआत, अब घर-घर जाकर होगा सत्यापन

  • स्वगणना के बाद 2 मई से 31 मई तक अधिकारी करेंगे सर्वेक्षण, 33 सवालों के आधार पर जुटेगा डेटा
  • सामाजिक-आर्थिक स्थिति का होगा विस्तृत आकलन, छूटी जानकारी भी जोड़ी जाएगी

नई दिल्ली। देश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है और अब इसका दूसरा चरण शुरू हो चुका है। इस चरण में अधिकारी घर-घर जाकर सर्वेक्षण और सत्यापन का कार्य करेंगे। इससे पहले पहली बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया गया था, जो 17 अप्रैल से 1 मई तक चला। अब 2 मई से 31 मई तक चलने वाले इस दूसरे चरण में स्वगणना के दौरान दी गई जानकारी का सत्यापन किया जाएगा और आवश्यकतानुसार नई जानकारी भी जोड़ी जाएगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार इस चरण में लगभग 10 हजार अधिकारियों को तैनात किया गया है, जो देशभर में घर-घर जाकर लोगों से जानकारी एकत्र करेंगे। इस दौरान नागरिकों से कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनके आधार पर उनके परिवार, आवास और जीवन स्तर से जुड़ी विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति से स्वगणना के दौरान कोई जानकारी छूट गई है, तो उसे इस चरण में पूरा किया जा सकेगा। सर्वेक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा परिवार की संरचना और सदस्यों से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें परिवार के मुखिया का नाम, सदस्यों की संख्या, लिंग, जाति और वैवाहिक स्थिति जैसी जानकारियां शामिल होंगी। इसके साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि घर का स्वामित्व किसके पास है, यानी मकान स्वयं का है या किराए का, तथा उसमें कितने कमरे हैं। जनगणना के इस चरण में आवासीय सुविधाओं से संबंधित जानकारी भी विस्तार से एकत्र की जाएगी। इसमें पेयजल का स्रोत, पानी की उपलब्धता, रोशनी के साधन, शौचालय की स्थिति, गंदे पानी की निकासी व्यवस्था, स्नानघर और रसोईघर की उपलब्धता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ईंधन और मुख्य भोजन अनाज के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। मकान से जुड़ी संरचनात्मक जानकारी भी इस सर्वेक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। इसमें मकान संख्या, जनगणना मकान संख्या, दीवार, छत और फर्श की सामग्री, मकान का उपयोग और उसकी वर्तमान स्थिति जैसी जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इससे देश के आवासीय ढांचे और जीवन स्तर का व्यापक आकलन किया जा सकेगा। इसके अलावा, आधुनिक सुविधाओं और संसाधनों के उपयोग से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी। अधिकारियों द्वारा यह पूछा जाएगा कि घर में रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, कंप्यूटर या लैपटॉप, मोबाइल या स्मार्टफोन, दोपहिया या चारपहिया वाहन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। साथ ही संपर्क के लिए मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना भर नहीं है, बल्कि यह देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके आधार पर सरकार विभिन्न योजनाओं और नीतियों का निर्माण करती है, जिससे आम जनता को लाभ पहुंचाया जा सके। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करें और सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे न केवल आंकड़ों की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि योजनाओं का लाभ भी सही लोगों तक पहुंच सकेगा। जनगणना 2027 का यह दूसरा चरण देश के विकास और नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घर-घर जाकर किए जा रहे इस सर्वेक्षण के माध्यम से सरकार को जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा, जिससे भविष्य की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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