राबड़ी देवी ने मांगी एक महीने की मोहलत, सरकारी आवास खाली करने के विवाद ने पकड़ा नया मोड़

  • 39 हार्डिंग रोड स्थित नए आवास में निर्माण कार्य अधूरा, पत्र लिखकर सरकार से अतिरिक्त समय की मांग
  • समय सीमा समाप्त होने के बावजूद खाली नहीं हुआ 10 सर्कुलर रोड आवास, अब सरकार के अगले कदम पर सबकी नजर

पटना। पूर्व मुख्यमंत्री एवं बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी द्वारा सरकारी आवास खाली करने को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद राबड़ी देवी ने राज्य सरकार से एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। इसके लिए उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर नए आवंटित आवास में चल रहे अधूरे निर्माण कार्यों का हवाला दिया है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया है। हालांकि उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इस आवास में अभी कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शेष हैं। किचन, सभाकक्ष तथा अन्य हिस्सों में निर्माण और साज-सज्जा का काम पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों में वहां स्थानांतरण संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए उन्हें एक महीने की अतिरिक्त मोहलत प्रदान की जाए। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 29 मई को राबड़ी देवी और उनके परिवार को तीसरा नोटिस जारी करते हुए 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया था। नोटिस में पंद्रह दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद आवास खाली नहीं किया गया है। ऐसे में अब यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण बन गया है। इस बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि लालू प्रसाद यादव परिवार का निजी आवास कौटिल्य नगर क्षेत्र में लगभग तैयार हो चुका है। सूत्रों के अनुसार लालू परिवार सरकारी आवास के बजाय अपने निजी भवन में स्थानांतरित होने की तैयारी कर रहा है। निर्माणाधीन इस भवन को अंतिम रूप दिया जा रहा है। खिड़कियों, दरवाजों, फर्श तथा आंतरिक सजावट का कार्य तेजी से चल रहा है। दो मंजिला इस भवन में बड़े आकार के कई कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। भवन परिसर में पूजा स्थल, बालकनी, सुसज्जित उद्यान तथा अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की जा रही है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद परिसर में फलदार और सजावटी पौधे लगाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि पुरुषोत्तम मास समाप्त होने के बाद लालू परिवार नए आवास में प्रवेश की तैयारी कर सकता है। इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि भी काफी पुरानी है। 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास वर्ष 2005 में राबड़ी देवी को पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते आवंटित किया गया था। राष्ट्रीय जनता दल सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद भी वे इसी आवास में रह रही हैं। वर्तमान में उनके साथ राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी इसी परिसर में रहते हैं। राज्य सरकार का कहना है कि 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास पहले ही राबड़ी देवी के नाम आवंटित किया जा चुका है। भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर 2025 को पहला नोटिस जारी कर उन्हें पुराने आवास को खाली करने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी आवास खाली नहीं किया गया, जिसके कारण दोबारा और फिर तीसरा नोटिस जारी किया गया। इस बीच राबड़ी देवी ने पहले ही सरकार के रुख पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे स्वयं आवास खाली नहीं करेंगी और यदि सरकार चाहती है तो बल प्रयोग कर सकती है। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया था। दूसरी ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी स्पष्ट किया था कि सरकारी आवास किसी की निजी संपत्ति नहीं है और नियमों का पालन सभी को करना होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक सरकारी आवास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का प्रतीक बनता जा रहा है। एक ओर सरकार नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया का हवाला दे रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध की दृष्टि से देख रहा है। उल्लेखनीय है कि भवन निर्माण विभाग ने 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया है। ऐसे में विभाग के सामने आवास खाली कराने की जिम्मेदारी भी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार राबड़ी देवी की अतिरिक्त समय की मांग स्वीकार करती है या फिर नियमानुसार अगली कार्रवाई करती है। फिलहाल राबड़ी देवी के पत्र के बाद मामला फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में सरकार के निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि इस लंबे समय से चल रहे आवास विवाद का समाधान किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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