दो हजार रुपये के विवाद में चली गोली, बाढ़ में अपराधियों ने मचाया आतंक

  • ट्रेन टिकट के पैसे लौटाने को लेकर हुआ विवाद, पांच युवकों ने घर के बाहर पहुंचकर की फायरिंग
  • घटनास्थल से खोखा बरामद, पुलिस जांच में जुटी; बाल-बाल बचे स्थानीय लोग और बच्चे

पटना।  पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल क्षेत्र में महज दो हजार रुपये के विवाद ने सोमवार की रात हिंसक रूप ले लिया। ट्रेन टिकट के लिए दिए गए पैसे वापस मांगने पर हुए विवाद में कुछ युवकों ने खुलेआम गोलीबारी कर इलाके में दहशत फैला दी। घटना बाढ़ थाना क्षेत्र के पुरानी बाजार स्थित वैष्णो धाम मंदिर के समीप हुई, जहां पांच की संख्या में पहुंचे युवकों ने एक व्यक्ति को धमकाने के बाद फायरिंग कर दी। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन गोली चलने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग भयभीत हो गए। जानकारी के अनुसार पुरानी बाजार निवासी प्रमोद कुमार ने लगभग दो महीने पहले वृंदावन जाने के लिए ट्रेन का टिकट बनवाने हेतु रमन कुमार नामक युवक को दो हजार रुपये दिए थे। आरोप है कि रमन कुमार टिकट दलाली का काम करता है और उसने टिकट उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो टिकट उपलब्ध कराया गया और न ही पैसे वापस किए गए। परिजनों के मुताबिक प्रमोद कुमार लगातार अपने पैसे वापस मांग रहे थे, लेकिन आरोपी हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर मामला टाल देता था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच सोमवार की रात विवाद शुरू हुआ। बताया जाता है कि रात करीब दस बजे रमन कुमार प्रमोद कुमार के घर के समीप पहुंचा, जहां पैसे लौटाने की बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रारंभिक विवाद के बाद रमन कुमार वहां से चला गया, लेकिन कुछ समय बाद वह अपने चार-पांच साथियों के साथ वापस लौटा। सभी युवक बेहद आक्रामक थे और उनमें से दो के हाथों में पिस्तौल थी। आरोप है कि उन्होंने आते ही प्रमोद कुमार के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और डराने-धमकाने लगे। देखते ही देखते स्थिति और बिगड़ गई तथा आरोपियों ने हथियार लहराते हुए एक राउंड फायरिंग कर दी। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग सहम गए। घटना के समय इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों के बाहर बैठे हुए थे। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि गोली चलने से पहले अपराधी लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे और आसपास मौजूद लोगों को वहां से हट जाने का इशारा कर रहे थे। जैसे ही कुछ लोग पीछे हटने लगे, अचानक गोली चला दी गई। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि घटना के समय आसपास बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं मौजूद थीं। यदि गोली किसी व्यक्ति को लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों ने बताया कि सभी आरोपी सफेद रंग के कपड़े पहने हुए थे और घटना को अंजाम देने के बाद तेजी से मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बाढ़ थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया है, जिससे फायरिंग की पुष्टि हुई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चला रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना स्थल थाना परिसर से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रारंभिक जांच में मामला आपसी विवाद और पैसों के लेन-देन से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों के पास हथियार कहां से आए और क्या वे पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि मामूली विवादों में भी हथियारों का इस्तेमाल होना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने प्रशासन से अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि खुलेआम फायरिंग की इस घटना ने लोगों के मन में भय का माहौल पैदा कर दिया है। खासकर बच्चों और महिलाओं में घटना के बाद दहशत देखी जा रही है। कई लोगों ने रातभर घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आसपास लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है और संभावित आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति समाज के लिए कितना बड़ा खतरा बनती जा रही है।

You may have missed