August 21, 2026

नल जल योजना में भ्रष्टाचार पर डिप्टी सीएम की सफाई : कॉन्ट्रैक्ट सरकारी नियमानुसार, राजद एफआइआर से ध्यान भटकाने का कर रही प्रयास

file photo

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी नल जल योजना में उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों और विपक्ष द्वारा जारी हमले के बाद गुरूवार को उन्होंने अपना मुंह खोला है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब प्रेस विज्ञप्ति के जरिये दिया है।
उन्होंने अपने प्रेस बयान में सफाई और विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि हर घर नल का जल योजना की सफलता से घबराकर विपक्ष अनर्गल प्रलाप कर रहा है। जिस कंपनी को टेंडर देने की बात की जा रही है, उन कंपनियों और प्रतिष्ठानों में मेरे परिवार या ससुराल का कोई सदस्य शामिल नहीं है। कटिहार जिला के 4 वार्ड में सिर्फ चार योजना का काम मेरे परिवार की सदस्य पूजा कुमारी को मिला, जिसका कांट्रैक्ट सरकार के नियमानुसार पीडब्ल्यूडी कोड निविदा प्रक्रिया एवं नियमों के मुताबिक 2019 में किया गया है और संबंधित क्षेत्र में जलापूर्ति भी किया जा रहा है।
डिप्टी सीएम ने आगे कहा है कि यह सभी कार्य मेरे उपमुख्यमंत्री बनने के पहले पूरे किए जा चुके थे, इसलिए मुझ पर यह आरोप गलत है कि मैंने उपमुख्यमंत्री रहते हुए प्रभाव का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि राजद पर 5 करोड़ लेकर टिकट नहीं देने के मामले में कोर्ट के निर्णय के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास राजद के नेता कर रहे हैं।
बता दें नल जल योजना में डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के साले, बहू व रिश्तेदारों पर योजना में ठेका लेने का आरोप लगाया गया है। प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरूवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए एवं ट्विट करते हुए कहा कि पार्टी की ओर से इस संदर्भ में मुख्यमंत्री को बीते फरवरी माह में पत्र भी लिखा गया था। राजद की कटिहार जिला इकाई ने अगस्त 2020 में ही इस घोटाले का पर्दाफाश और उपमुख्यमंत्री की संलिप्तता की जांच की मांग की थी। लेकिन हमेशा की तरह सीएम नीतीश ने कोई कार्रवाई नहीं की।

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