ओपन स्कूलिंग बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर के घर से 35 लाख कैश बरामद, अवैध संपत्ति का मामला, बेगूसराय में 5 करोड़ की कोठी
- आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटना और बेगूसराय के तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी
- 3.43 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध संपत्ति का आरोप, आभूषण और जमीन के दस्तावेज भी मिले
पटना। बिहार ओपन स्कूलिंग एवं परीक्षा बोर्ड के उपनिदेशक अजय कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार सुबह पटना और बेगूसराय स्थित उनके तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान पटना स्थित आवास से करीब 30 लाख रुपये और बेगूसराय के ठिकाने से करीब साढ़े चार लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कीमती आभूषण, जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेज और विभिन्न निवेशों के कागजात भी जांच टीम के हाथ लगे हैं। आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, अजय कुमार सिंह पर अपनी ज्ञात आय से करीब 90.04 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच में 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये की आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। इसी आधार पर 19 अगस्त को आर्थिक अपराध इकाई थाने में मामला दर्ज किया गया था।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला
अजय कुमार सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना से तलाशी वारंट मिलने के बाद आर्थिक अपराध इकाई की टीमों ने दोनों जिलों में एक साथ कार्रवाई शुरू की। पटना में करीब 15 सदस्यीय टीम सुबह साढ़े आठ बजे खाजपुरा स्थित आकाशवाणी रोड के चंद्रतारा भवन पहुंची। टीम ने आवास के कमरों के साथ तहखाने और वाहन खड़े करने वाले स्थान की भी जांच की। तलाशी के दौरान नकदी के अलावा आभूषण, जमीन और अन्य संपत्तियों के कागजात तथा निवेश से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई।
नकदी और दस्तावेजों का हो रहा मिलान
जांच एजेंसी अब बरामद नकदी और दस्तावेजों का अजय कुमार सिंह की घोषित आय तथा संपत्तियों से मिलान कर रही है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि उनके नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद संपत्तियां आय के ज्ञात स्रोतों से अर्जित की गई हैं या नहीं। तलाशी के समय अजय कुमार सिंह के पटना स्थित आवास पर मौजूद होने की बात भी सामने आई है। टीम ने पूरे मकान को अपने नियंत्रण में लेकर क्रमवार तलाशी ली। बरामद नकदी और दस्तावेजों के स्रोत के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
बेगूसराय में पैतृक घर और दुकान की जांच
बेगूसराय में भी आर्थिक अपराध इकाई की अलग टीम ने कार्रवाई की। करीब 10 अधिकारियों की टीम पुलिस बल के साथ साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के परोरा गांव पहुंची। यहां अजय कुमार सिंह के पैतृक आवास की तलाशी ली गई। जांच टीम पचवीर इलाके में स्थित उनके भाई धर्मेंद्र सिंह की बालू-सीमेंट की दुकान पर भी पहुंची। अधिकारियों ने वहां करीब एक घंटे तक विभिन्न कागजातों की जांच की। इसके बाद टीम दोबारा पैतृक आवास पहुंची और तलाशी अभियान जारी रखा। बेगूसराय स्थित आवास से करीब साढ़े चार लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की जानकारी है। इसके साथ ही संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य वित्तीय कागजात भी खंगाले गए।
करोड़ों की संपत्ति पर भी नजर
जांच के दौरान अजय कुमार सिंह के पटना और बेगूसराय स्थित मकानों की कीमत को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर दोनों स्थानों पर मौजूद आलीशान मकानों की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। अब आर्थिक अपराध इकाई इन संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन कराने और उनकी खरीद के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। पैतृक गांव में छापेमारी की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। तलाशी के दौरान बाहरी लोगों के परिसर में प्रवेश पर रोक लगाई गई।
पुराने विवादों में भी रहे हैं चर्चा में
अजय कुमार सिंह पहले भी अपने कार्यकाल के दौरान विवादों में रहे हैं। मई 2025 में मुजफ्फरपुर में जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर रहते हुए विकास कार्यों और आधारभूत संरचना से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने को लेकर उनका नाम विवाद में आया था। विधान परिषद सदस्य वंशीधर ब्रजवासी ने उन पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखा था। फरवरी 2025 में उन्होंने तत्कालीन भाजपा विधायक अशोक कुमार सिंह पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप भी लगाया था। उनका दावा था कि उन पर नियमों के विपरीत काम करने का दबाव बनाया गया।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई जारी है। जांच एजेंसी बरामद नकदी, आभूषण, जमीन के दस्तावेज और निवेश से जुड़े कागजातों का वित्तीय विश्लेषण कर रही है। संपत्तियों के वास्तविक मूल्य और आय के स्रोत की जांच के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। आय से अधिक संपत्ति का आरोप जांच के स्तर पर है और अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा। एजेंसी की कार्रवाई से अब यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि बरामद संपत्ति और नकदी का अजय कुमार सिंह की वैध आय से कितना संबंध है।


