पटना में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव, बेली रोड पर व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर रोक
- मेट्रो निर्माण से बढ़े यातायात दबाव को कम करने के लिए चिड़ियाघर गेट नंबर-1 से आयकर गोलंबर तक स्थायी प्रतिबंध
- पुनाईचक क्षेत्र में ऑटो और ई-रिक्शा के लिए नया मार्ग तय, राजवंशी नगर समेत कई इलाकों में जाम से राहत की उम्मीद
पटना। राजधानी पटना में मेट्रो निर्माण कार्य के कारण बेली रोड पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत चिड़ियाघर गेट नंबर-1 से आयकर गोलंबर तक व्यावसायिक वाहनों के परिचालन को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यातायात पुलिस का मानना है कि इस निर्णय से बेली रोड पर वाहनों का दबाव कम होगा और मेट्रो निर्माण के कारण रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को कुछ राहत मिल सकेगी। पुनाईचक क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव को देखते हुए ऑटो और ई-रिक्शा के लिए भी नया मार्ग निर्धारित किया गया है। अब ये वाहन विश्वेश्वरैया भवन के पीछे वाली सड़क से होकर गुजरेंगे। नया मार्ग पुनाईचक रोड से होते हुए अटल पथ तक जाएगा। इसके बाद वाहन महेश नगर भूमिगत मार्ग के रास्ते बोरिंग कैनाल रोड की ओर जा सकेंगे। इस बदलाव का उद्देश्य बेली रोड और पुनाईचक के मुख्य मार्गों पर वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करना है। बेली रोड पर इस समय तीन अलग-अलग स्थानों पर मेट्रो निर्माण का काम चल रहा है। निर्माण कार्य के कारण सड़क की चौड़ाई कई जगह कम हो गई है, जिससे सामान्य दिनों की तुलना में यातायात का दबाव अधिक बढ़ गया है। राजवंशी नगर स्थित हनुमान मंदिर के पास स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। यहां सुबह 9 बजे से 11 बजे तक और शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक अक्सर लंबा जाम लग जाता है। यातायात पुलिस के अनुसार, इस क्षेत्र में ऑटो, ई-रिक्शा, नगर बसों और अन्य वाहनों की अधिक संख्या के कारण चिड़ियाघर, हनुमान मंदिर, विकास भवन और नियोजन भवन के आसपास लगातार दबाव बना रहता है। कार्यालय खुलने और बंद होने के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। मेट्रो निर्माण के साथ-साथ सड़क पर बढ़ते वाहनों की संख्या यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। नई यातायात योजना के लागू होने के बाद इन इलाकों में वाहनों के आवागमन को अलग-अलग मार्गों पर विभाजित करने की कोशिश की जा रही है। इससे मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव कम होने और यात्रियों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, नई व्यवस्था की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि वाहन चालक निर्धारित मार्गों का कितना पालन करते हैं। बेली रोड के अलावा बुद्ध मार्ग पर भी यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है। विशेष रूप से जीपीओ गोलंबर से कोतवाली थाना के बीच व्यावसायिक वाहनों की अधिक आवाजाही के कारण सड़क पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। यहां कई सरकारी और व्यावसायिक प्रतिष्ठान होने के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही होती है। मल्टी मॉडल हब से शहर और जिले के विभिन्न हिस्सों के लिए बसों का परिचालन शुरू होने के बाद बुद्ध मार्ग पर यातायात का दबाव और बढ़ गया है। बसों, निजी वाहनों, ऑटो और अन्य व्यावसायिक वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण प्रमुख समय में यातायात की गति धीमी पड़ जाती है। ऐसे में यातायात पुलिस को जाम नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं। यातायात पुलिस की ओर से बुद्ध मार्ग समेत शहर की प्रमुख सड़कों पर लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कई स्थानों पर वाहन खड़ा करने पर रोक से संबंधित सूचना पट्ट लगाए गए हैं। सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन खड़ा करने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। इसके बावजूद राजधानी में वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण जाम की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है। प्रशासन का मानना है कि मेट्रो निर्माण के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए मार्गों में बदलाव और वाहनों के परिचालन पर नियंत्रण जरूरी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यातायात पुलिस इसकी लगातार निगरानी करेगी। जरूरत पड़ने पर मार्ग व्यवस्था में आगे भी बदलाव किया जा सकता है। फिलहाल चिड़ियाघर गेट नंबर-1 से आयकर गोलंबर तक व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर रोक और ऑटो-ई रिक्शा के लिए वैकल्पिक मार्ग से बेली रोड पर यातायात दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।


