बिहार में मानसून सक्रिय, 19 जिलों में बारिश का अलर्ट; कई जगह भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी
- उत्तर-पूर्वी बिहार के सात जिलों के लिए गंभीर चेतावनी, मध्य और पूर्वी बिहार के 12 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
- गंगा पटना और हाथीदह में चेतावनी स्तर से ऊपर, अगले तीन दिनों तक भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अनुमान
पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश हो रही है और आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार को प्रदेश के 19 जिलों के लिए बारिश और तेज हवा को लेकर चेतावनी जारी की है। इनमें उत्तर-पूर्वी बिहार के सात जिलों में भारी बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए गंभीर चेतावनी जारी की गई है। वहीं मध्य और पूर्वी बिहार के 12 जिलों में हल्की बारिश और करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना को लेकर सतर्कता चेतावनी जारी की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर-पूर्वी बिहार के कई इलाकों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है। तेज हवा और बारिश के दौरान बिजली के खंभों तथा जर्जर तारों से भी दूरी बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक बिहार में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इस दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने 21, 22 और 23 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। बारिश के बीच गंगा नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पटना के दीघा घाट पर गंगा चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है। यहां चेतावनी स्तर 49.45 मीटर निर्धारित है, जबकि नदी का जलस्तर बढ़कर 49.56 मीटर तक पहुंच गया है। यानी गंगा यहां चेतावनी स्तर से करीब 11 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पटना के गांधी घाट पर भी गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर गया है। यहां चेतावनी स्तर 48.60 मीटर है, जबकि नदी का जलस्तर 48.67 मीटर दर्ज किया गया है। इस प्रकार गंगा चेतावनी स्तर से करीब सात सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं हाथीदह में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। यहां चेतावनी स्तर 40.76 मीटर है, जबकि नदी का जलस्तर 41.51 मीटर तक पहुंच गया है। यहां गंगा चेतावनी स्तर से करीब 75 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पटना में गुरुवार को मौसम सामान्य रहने की संभावना है। दिन के दौरान हल्की बारिश हो सकती है और आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। बारिश के बावजूद उमस लोगों को परेशान कर सकती है। बुधवार को पटना में दिनभर बादल छाए रहे और सुबह साढ़े आठ बजे तक 6.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा। बीते 24 घंटे के दौरान राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है। नालंदा में 78 मिलीमीटर, गया में 73 मिलीमीटर, औरंगाबाद में 60 मिलीमीटर, कैमूर जिले के भभुआ में 43 मिलीमीटर और बक्सर में 29 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में हुई वर्षा से किसानों और कृषि क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पूरे बिहार में मानसून के दौरान अब तक सामान्य से करीब 39 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य के अधिकांश जिलों में वर्षा की कमी बनी हुई है। दूसरी ओर कुछ जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है। कैमूर में सामान्य से 141 प्रतिशत अधिक और औरंगाबाद में 176 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इससे राज्य में बारिश का वितरण असमान बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में होने वाली बारिश से राज्य के कुल वर्षा आंकड़ों में कुछ सुधार की उम्मीद है। हालांकि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलजमाव और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषकर गंगा के किनारे रहने वाले इलाकों में जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है फिलहाल बिहार में सक्रिय मानसून के कारण आने वाले कुछ दिन बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।


