August 18, 2026

5 हजार पौधों से संवरेगा जेपी गंगा पथ, पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज

  • 95 पौधरोपण बॉक्स में 14 प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे, वॉक-वे के बीच बढ़ेगी हरियाली
  • कोलकाता और हैदराबाद से मंगाए गए पौधे, गंगा का नजारा देखने के लिए लगाए जा रहे 190 बेंच

पटना। राजधानी पटना के जेपी गंगा पथ को शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में विकास कार्य तेज कर दिया गया है। गंगा पथ की खूबसूरती और हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर पौधरोपण की तैयारी शुरू हो गई है। खाली स्थानों और पैदल पथ के बीच करीब पांच हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। पौधों के बड़े होने और सौंदर्यीकरण का काम पूरा होने के बाद जेपी गंगा पथ का नजारा पहले से अधिक आकर्षक होने की उम्मीद है। गंगा पथ पर पौधरोपण के लिए अलग-अलग आकार के कुल 95 पौधरोपण बॉक्स तैयार किए गए हैं। इनमें 90 छोटे बॉक्स हैं, जिनका आकार करीब 10×7 फीट है। इसके अलावा पांच बड़े बॉक्स तैयार किए गए हैं, जिनका आकार 16×50 फीट है। इन बॉक्स को पैदल पथ के बीच इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यहां आने वाले लोगों को हरियाली के साथ आकर्षक वातावरण भी मिल सके। पौधों की व्यवस्था इस प्रकार की जा रही है कि गंगा पथ की सुंदरता दूर से भी दिखाई दे। गंगा पथ के सौंदर्यीकरण के लिए लगाए जा रहे पौधे दूसरे राज्यों से मंगाए गए हैं। इनमें कई प्रजातियों के पौधे कोलकाता और हैदराबाद से लाए गए हैं। पौधरोपण और हरियाली विकसित करने का यह काम पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कराया जा रहा है। योजना का उद्देश्य गंगा पथ को केवल आवागमन का मार्ग नहीं, बल्कि शहरवासियों और पर्यटकों के लिए आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना है। पौधरोपण के साथ यहां लोगों के बैठने की सुविधा भी बढ़ाई जा रही है। पौधरोपण बॉक्स के आगे और पीछे दो-दो बेंच लगाए जा रहे हैं। इस तरह प्रत्येक बॉक्स के आसपास चार बेंच की व्यवस्था होगी। कुल 95 बॉक्स के हिसाब से करीब 380 बेंच लगाए जाने की योजना बनती है। इससे गंगा पथ पर आने वाले लोगों को बैठकर गंगा का नजारा देखने और शाम का समय सुकून से बिताने की सुविधा मिलेगी। गंगा पथ पर कुल 14 प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। इनमें सागो पाम, इक्सोरा, प्लूमेलिया, जट्रोफा, नूरियम ओलियंडर, मधु कामिनी, फिकस पांडा, अरेका पाम, चाइना डॉल, क्रोटन, निकोडिया, यूफोरबिया और डेस्मोडियम समेत अन्य आकर्षक प्रजातियां शामिल हैं। इन पौधों का चयन मुख्य रूप से हरियाली, सजावटी स्वरूप और गंगा पथ के वातावरण को ध्यान में रखकर किया गया है। पौधों को अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्थित तरीके से लगाने से गंगा पथ की खूबसूरती में बदलाव देखने को मिलेगा। खासकर शाम के समय यहां घूमने आने वाले लोगों को हरियाली के साथ गंगा नदी का मनमोहक दृश्य देखने का अवसर मिलेगा। पौधरोपण के साथ बैठने की व्यवस्था होने से लोगों के लिए कुछ समय रुककर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेना भी आसान होगा। राजधानी में गंगा किनारे विकसित जेपी गंगा पथ पहले से ही लोगों के बीच लोकप्रिय है। सुबह और शाम बड़ी संख्या में लोग यहां टहलने और गंगा का नजारा देखने पहुंचते हैं। ऐसे में पौधरोपण और सौंदर्यीकरण के बाद इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही और बढ़ने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों के साथ पटना आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह स्थान आकर्षण का नया केंद्र बन सकता है। योजना के तहत पौधे बड़े होने और सभी सुविधाओं के विकसित होने के बाद जेपी गंगा पथ को एक अलग पहचान मिलने की उम्मीद है। हरियाली, बैठने की सुविधा और गंगा का प्राकृतिक दृश्य मिलकर इसे शहर के प्रमुख भ्रमण स्थलों में शामिल करने में मदद कर सकते हैं। इससे पटना में गंगा किनारे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ शहर की सुंदरता में भी इजाफा होगा।

You may have missed