सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार से की मुलाकात, एनडीए में सियासी हलचल के बीच बढ़ी चर्चा
- नीतीश के पटना लौटने के अगले ही दिन मुख्यमंत्री पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री के आवास, संजय झा भी रहे मौजूद
- भाजपा और जदयू ने मतभेद की अटकलों को किया है खारिज, दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर हुई बातचीत इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात पटना स्थित नीतीश कुमार के आवास पर हुई। नीतीश कुमार एक दिन पहले ही दिल्ली से पटना लौटे थे। वह संसद के मानसून सत्र में शामिल होने के लिए दिल्ली गए हुए थे। उनके पटना पहुंचने के अगले ही दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उनसे मिलने उनके आवास पहुंचे। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सामाजिक माध्यम पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आज शिष्टाचार मुलाकात हुई। इस दौरान जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य संजय झा भी मौजूद रहे। हालांकि, मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब पिछले कुछ दिनों से बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं होने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज थीं। हालांकि, भाजपा और जनता दल यूनाइटेड दोनों की ओर से गठबंधन में किसी तरह के मतभेद या विवाद की अटकलों को लगातार खारिज किया गया है। दोनों दलों के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि गठबंधन में सब कुछ सामान्य है और सरकार मजबूती से काम कर रही है। दरअसल, दो दिन पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार सरकार में शामिल भाजपा कोटे के मंत्रियों के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। बैठक के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे और इसे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के भीतर संभावित मतभेदों से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि, भाजपा नेताओं की ओर से इसे सामान्य संगठनात्मक और सरकारी कामकाज से जुड़ी बैठक बताया गया। इसके बाद गठबंधन के दोनों प्रमुख घटकों भाजपा और जनता दल यूनाइटेड की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सरकार और गठबंधन के बीच किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। नेताओं ने अटकलों को निराधार बताते हुए कहा कि दोनों दल मिलकर सरकार चला रहे हैं। ऐसे राजनीतिक माहौल के बीच नीतीश कुमार के पटना लौटने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का उनके आवास पहुंचना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नीतीश कुमार संसद के मानसून सत्र में हिस्सा लेने के बाद गुरुवार को पटना लौटे थे। उनके लौटने के अगले दिन मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह शिष्टाचार भेंट करीब से देखने वाले राजनीतिक जानकारों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार चल रही है और भाजपा तथा जनता दल यूनाइटेड इसके प्रमुख घटक हैं। हालांकि, मुलाकात को लेकर किसी प्रकार की राजनीतिक घोषणा या महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री की ओर से भी इसे शिष्टाचार मुलाकात ही बताया गया है। इसके बावजूद राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए दोनों नेताओं की तस्वीर और मुलाकात की खबर बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार से जुड़े विषयों, राज्य के राजनीतिक हालात या आगामी कार्यक्रमों को लेकर कोई चर्चा हुई या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। आधिकारिक तौर पर बैठक का एजेंडा भी सामने नहीं आया है। ऐसे में इस मुलाकात के आधार पर किसी राजनीतिक बदलाव या निर्णय का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार लंबे समय से एक प्रमुख राजनीतिक केंद्र रहे हैं। वहीं, सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भाजपा और जनता दल यूनाइटेड के बीच समन्वय सरकार के कामकाज के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच नियमित संवाद और मुलाकात गठबंधन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। फिलहाल दोनों दलों की ओर से गठबंधन में किसी प्रकार के मतभेद से इनकार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार की शुक्रवार की मुलाकात को भी आधिकारिक रूप से शिष्टाचार भेंट बताया गया है। हालांकि, राजनीतिक चर्चाओं के बीच हुई इस मुलाकात ने बिहार के सियासी गलियारों में नई अटकलों को जरूर जन्म दिया है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के नेताओं के बयान और गतिविधियों से ही स्पष्ट होगा कि इस मुलाकात का कोई व्यापक राजनीतिक संदेश था या यह महज सामान्य शिष्टाचार भेंट थी।


