August 14, 2026

लखीसराय में खाकी शर्मसार, डायल 112 के सिपाही ने महिला को कमरे में बुलाया, हंगामा होने पर किया गया सस्पेंड

  • पति के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा देकर महिला को रात में किराये के कमरे पर बुलाने का आरोप, ग्रामीणों के पहुंचने पर हुआ हंगामा
  • वीडियो वायरल होने की बात, लेकिन पुष्टि नहीं; महिला ने किसी गलत कार्य से किया इन्कार, लिखित शिकायत देने से भी मना

लखीसराय। बिहार के लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र में डायल-112 सेवा से जुड़े एक सिपाही पर लगे गंभीर आरोप के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरोप है कि घरेलू विवाद को लेकर पुलिस सहायता मांगने वाली एक महिला को उसके पति के खिलाफ कार्रवाई कराने का भरोसा देकर सिपाही ने देर रात अपने किराये के कमरे पर बुलाया। महिला के वहां पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों की भीड़ कमरे के बाहर जुट गई और हंगामा शुरू हो गया। ग्रामीणों ने सिपाही और महिला को आपत्तिजनक स्थिति में देखने का दावा किया है। हालांकि, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित बताए जा रहे वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लखीसराय की पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने प्रारंभिक जांच के बाद आरोपित सिपाही सोनू कुमार को निलंबित कर दिया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि महिला की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिलने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और विभागीय स्तर पर भी इसकी पड़ताल की जा रही है। जानकारी के अनुसार, हलसी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक दंपती के बीच पिछले कई महीनों से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर महिला ने पुलिस सहायता के लिए डायल-112 के सिपाही सोनू कुमार से संपर्क किया था। आरोप है कि सिपाही ने महिला को उसके पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। इसी क्रम में उसे हलसी थाना क्षेत्र से कुछ दूरी पर मोहद्दीनगर मोड़ के पास स्थित अपने किराये के कमरे पर देर रात बुलाया गया। बताया जाता है कि महिला के रात में वहां पहुंचने की जानकारी ग्रामीणों को हो गई। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण सिपाही के कमरे के बाहर जमा हो गए। मौके पर हंगामा शुरू हो गया। ग्रामीणों का दावा है कि कमरे के अंदर सिपाही और महिला को आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया। इसके बाद कुछ लोगों ने कथित तौर पर घटनाक्रम का वीडियो भी बना लिया। बाद में इस वीडियो के इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने की बात सामने आई। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले प्रसारित वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। वीडियो की सत्यता, उसकी रिकॉर्डिंग की परिस्थितियों और उसमें दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद हलसी पुलिस मौके पर पहुंची और सिपाही तथा महिला दोनों को थाने ले आई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। थाने पहुंचने के बाद महिला ने सिपाही के साथ किसी भी तरह के अवैध संबंध या गलत कार्य से इन्कार किया। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके साथ कोई गलत काम नहीं हुआ है। उसने इस मामले में लिखित शिकायत देने से भी मना कर दिया। हलसी थानाध्यक्ष राजेश कुमार रंजन के अनुसार, महिला ने किसी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने से इन्कार किया है। इसके बावजूद घटना की परिस्थितियों और इंटरनेट मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रारंभिक जांच कराई गई। पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोप प्रथमदृष्टया सही प्रतीत हुए। इसी आधार पर सिपाही सोनू कुमार को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, निलंबन को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। पूरे मामले में आगे की जांच के बाद ही सिपाही की भूमिका और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला को सिपाही ने अपने कमरे पर किस उद्देश्य से बुलाया था और पूरे घटनाक्रम में उसकी भूमिका क्या रही। महिला की ओर से आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कथित वीडियो के स्रोत की भी जांच कर सकती है। किसी महिला की निजी तस्वीर या वीडियो को उसकी अनुमति के बिना प्रसारित किए जाने की स्थिति में उससे जुड़े कानूनी पहलुओं की भी जांच आवश्यक होगी। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोप डायल-112 जैसी आपातकालीन पुलिस सेवा से जुड़े सिपाही पर लगा है। इस सेवा का उद्देश्य संकट में फंसे लोगों को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में सहायता मांगने वाली महिला को कथित तौर पर निजी कमरे पर बुलाए जाने के आरोप ने पुलिसकर्मी के आचरण पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, महिला द्वारा किसी गलत कार्य से इन्कार किए जाने के कारण मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। फिलहाल सिपाही को निलंबित कर दिया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। आगे की कार्रवाई महिला के आवेदन, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

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