बिहार में फिर बदलेगा मौसम, 18 जिलों में बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी
- पटना समेत दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं तेज हवाएं
- 18 अगस्त को कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना, राजधानी में 40 मिनट की बारिश ने खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल; 100 से अधिक दुकानों में घुसा पानी
पटना। बिहार में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक और बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। विभाग ने पटना समेत राज्य के 18 जिलों के लिए बारिश का पीला चेतावनी संकेत जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। मौसम में होने वाले बदलाव को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश की गतिविधि सबसे पहले दक्षिण-पश्चिम बिहार के साथ उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य हिस्सों में देखने को मिल सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मौसम का प्रभाव धीरे-धीरे उत्तर बिहार के अन्य जिलों की ओर बढ़ सकता है। बादलों के बनने और तेज हवाओं के साथ कुछ स्थानों पर अचानक बारिश की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। 18 अगस्त को राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की स्थिति बनने का अनुमान है। ऐसे में निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले किसानों को भी मौसम में अचानक बदलाव के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होगी। तेज हवा और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास रहने से बचना सुरक्षित होगा। राज्य के बाकी 20 जिलों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में व्यापक बारिश नहीं होने की स्थिति में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। दिन के तापमान में बहुत अधिक गिरावट की संभावना नहीं है। बारिश और धूप के बीच मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बने रहने से वातावरण में नमी बढ़ सकती है, जिससे गर्मी का असर तापमान से अधिक महसूस हो सकता है। बीते 24 घंटों के दौरान पटना, बेतिया, बक्सर और समस्तीपुर समेत कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। राजधानी पटना में हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। महज करीब 40 मिनट की बारिश के बाद कई इलाकों में डेढ़ से ढाई फीट तक पानी जमा हो गया। जलजमाव के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। कई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी पानी घुस गया। बताया गया कि 100 से अधिक दुकानों में बारिश का पानी पहुंच गया, जिससे कारोबार प्रभावित हुआ। पटना में आज भी आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। शहर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। हालांकि बारिश होने के बावजूद तापमान में बहुत अधिक गिरावट की उम्मीद नहीं है। दिन का तापमान करीब 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। ऐसे में राजधानीवासियों को बारिश के साथ गर्मी और उमस का सामना भी करना पड़ सकता है। मौसम में इस बदलाव का असर यातायात और सामान्य जनजीवन पर भी पड़ सकता है। तेज बारिश की स्थिति में सड़कों पर जलजमाव होने से वाहनों की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। प्रशासन के लिए भी जलनिकासी व्यवस्था को सक्रिय रखना चुनौती होगी, खासकर पटना जैसे शहरी क्षेत्र में जहां कम समय की तेज बारिश के बाद भी कई इलाकों में पानी जमा हो जाता है। आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी है। गरज-चमक के दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। खेत या खुले स्थान पर मौजूद लोगों को सुरक्षित पक्के स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है। पेड़ के नीचे खड़े होने और बिजली के उपकरणों को छूने से भी बचना चाहिए। फिलहाल बिहार के लिए मौसम का यह बदलाव राहत और चुनौती दोनों लेकर आ सकता है। बारिश से गर्मी और सूखे की स्थिति वाले इलाकों को राहत मिल सकती है, लेकिन तेज हवा, वज्रपात और भारी बारिश से परेशानी भी बढ़ सकती है। खासकर पटना में हालिया जलजमाव को देखते हुए आने वाली बारिश नगर प्रशासन के लिए भी परीक्षा साबित हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।


