August 14, 2026

पटना मेट्रो को मिलेगी रफ्तार, खेमनीचक से मीठापुर तक जून 2027 में दौड़ाने की तैयारी

  • 3.1 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मार्ग पर बनेंगे चार स्टेशन, छह बोगी वाली तीन मेट्रो ट्रेनें दिसंबर तक पटना पहुंचने की उम्मीद
  • मलाही पकड़ी से पटना जंक्शन तक 10.54 किलोमीटर भूमिगत मार्ग का काम तेज, खेमनीचक बनेगा दोनों गलियारों का प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन

पटना। राजधानी में मेट्रो रेल सेवा के विस्तार की दिशा में काम तेज हो गया है। खेमनीचक से मीठापुर के बीच 3.1 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मेट्रो मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इस हिस्से पर छह बोगी वाली मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी है। यात्रियों की संख्या बढ़ने और नए मार्गों के शुरू होने के बाद बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए अधिक क्षमता वाली ट्रेनों को शामिल किया जा रहा है। पटना मेट्रो रेल निगम लिमिटेड ने छह बोगी वाली तीन ट्रेन के लिए पुणे मेट्रो को आदेश दिया है। इन्हें तीन वर्ष की लीज पर लिया जा रहा है और अधिकारियों के अनुसार दिसंबर तक इनके पटना पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल पटना मेट्रो में तीन बोगी वाली ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। नए मार्ग के विस्तार के साथ छह बोगी वाली ट्रेनों के संचालन से एक बार में अधिक यात्रियों को सफर कराने में मदद मिलेगी। इससे व्यस्त समय में यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने और मेट्रो की यात्री क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने पटना मेट्रो के निर्माण और संचालन के लिए 628.32 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इस राशि का इस्तेमाल खेमनीचक-मीठापुर एलिवेटेड मेट्रो मार्ग के साथ मलाही पकड़ी से पटना जंक्शन तक भूमिगत मेट्रो निर्माण को गति देने में किया जा रहा है। खेमनीचक से मीठापुर के बीच एलिवेटेड मार्ग का ऊपरी ढांचा तैयार हो चुका है। इस हिस्से में मीठापुर, रामकृष्णा नगर, जगनपुरा और खेमनीचक समेत चार स्टेशन बनाए जा रहे हैं। चारों स्टेशनों पर निर्माण कार्य जारी है। स्टेशन से जुड़े सिविल निर्माण, पटरी बिछाने, लिफ्ट, चलती सीढ़ी और अन्य जरूरी कामों के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है। इस एलिवेटेड गलियारे को जून 2027 तक यात्रियों के लिए शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। काम पूरा होने के बाद शहर के दक्षिणी और मध्य हिस्सों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। पटना मेट्रो के दूसरे महत्वपूर्ण हिस्से मलाही पकड़ी से पटना जंक्शन के बीच 10.54 किलोमीटर लंबे भूमिगत मार्ग का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। इस हिस्से में करीब 100 मीटर सुरंग का निर्माण बाकी है। इसे नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस भूमिगत मार्ग में राजेंद्रनगर, मोइनुल हक स्टेडियम, पटना विश्वविद्यालय, पीएमसीएच, गांधी मैदान, आकाशवाणी और पटना जंक्शन स्टेशन शामिल होंगे। पूरे भूमिगत हिस्से को वर्ष 2028 तक पूरा करने की योजना है। खेमनीचक को पटना मेट्रो के प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसे अक्टूबर में यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी है। यहां गलियारा-1 और गलियारा-2 के मार्ग आपस में जुड़ेंगे। तीन मंजिला स्टेशन पर यात्री एक गलियारे से दूसरे गलियारे की मेट्रो में आसानी से बदल सकेंगे। इससे पटना के अलग-अलग हिस्सों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पटना जंक्शन से रुकनपुरा तक भूमिगत मेट्रो का काम शुरू किया जा रहा है। वहीं रुकनपुरा से दानापुर तक एलिवेटेड गलियारे का निर्माण जारी है। पटना जंक्शन से मीठापुर को जोड़ने वाली भूमिगत सुरंग का निर्माण अभी शुरू होना बाकी है। अलग-अलग हिस्सों में चल रहे निर्माण कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी है। पटना मेट्रो की पूरी परियोजना करीब 32.50 किलोमीटर लंबी है। इसमें दानापुर से पटना सिटी तक का क्षेत्र शामिल है। परियोजना के विभिन्न हिस्सों में भूमिगत और एलिवेटेड दोनों प्रकार के मार्ग बनाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य राजधानी के प्रमुख इलाकों को तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ना है। मेट्रो के नए मार्गों के शुरू होने के बाद सड़क यातायात पर दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर खेमनीचक, मीठापुर, रामकृष्णा नगर और पटना जंक्शन जैसे व्यस्त क्षेत्रों के बीच सार्वजनिक परिवहन का बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा। छह बोगी वाली ट्रेनों के संचालन से यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने में भी मदद मिलेगी। यदि निर्माण कार्य तय समयसीमा के अनुसार पूरा होता है तो आने वाले वर्षों में पटना की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खेमनीचक-मीठापुर एलिवेटेड मार्ग, मलाही पकड़ी-पटना जंक्शन भूमिगत मार्ग और अन्य प्रस्तावित हिस्सों के पूरा होने से राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है। छह बोगी वाली नई ट्रेनों के साथ पटना मेट्रो को भविष्य की बढ़ती यात्री जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।

You may have missed