August 23, 2026

समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर नमो भारत ट्रेन पर पथराव, दरवाजा नहीं खुलने पर अज्ञात यात्री ने तोड़ा शीशा

समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर हाईटेक सुविधाओं से लैस नमो भारत ट्रेन पर एक असंवेदनशील घटना सामने आई है। ट्रेन संख्या 94804, जो पटना से जयनगर की ओर जा रही थी, जब हायाघाट स्टेशन से होकर गुजर रही थी, उस दौरान उस पर पथराव किया गया। यह घटना तब घटी जब ट्रेन स्टेशन पर कुछ समय के लिए रुकी हुई थी, हालांकि इसका वहां आधिकारिक ठहराव नहीं है। पथराव की वजह से ट्रेन के कोच का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे दो स्थानों पर दरारें आ गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार रात के समय जब ट्रेन हायाघाट स्टेशन पर खड़ी थी, तभी किसी यात्री ने दरवाजा खोलने की कोशिश की। चूंकि नमो भारत ट्रेन पूरी तरह ऑटोमेटिक सिस्टम से लैस है, इसके दरवाजे केवल निर्धारित स्टेशनों पर ही खुलते हैं। हायाघाट स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव नहीं होने के कारण दरवाजा नहीं खुला। इससे नाराज होकर अज्ञात यात्री ने ट्रेन के शीशे पर पत्थर फेंक दिया। यह हरकत न केवल असंवेदनशील थी, बल्कि यह रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली आपराधिक कृति भी है। इस घटना की जानकारी मिलने पर हायाघाट स्टेशन मास्टर विश्वनाथ भारती ने आरपीएफ समस्तीपुर में शिकायत दर्ज कराई। आरपीएफ इंस्पेक्टर अविनाश करोसिया ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर विवेक कुमार, श्याम सुंदर कुमार और अन्य कर्मी तत्काल हायाघाट पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। ट्रेन के कोच में लगे सीसीटीवी फुटेज और वहां मौजूद चश्मदीदों से जानकारी जुटाई जा रही है ताकि दोषी व्यक्ति की पहचान हो सके। गौरतलब है कि इस घटना में किसी भी यात्री को शारीरिक रूप से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़े करती हैं। नमो भारत जैसी आधुनिक और तेज रफ्तार ट्रेनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन आम नागरिकों की जागरूकता और जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि लोगों को नई तकनीकों और सुविधाओं के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। जब ऑटोमेटिक दरवाजे जैसी सुविधाएं लागू की जाती हैं, तो यात्रियों को इस बारे में जागरूक करना भी अनिवार्य होता है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की जरूरत है ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। नमो भारत जैसी उन्नत ट्रेनों को लेकर सरकार द्वारा जिस तरह की पहल की गई है, वह देश में रेलवे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। लेकिन जब तक यात्रियों में अनुशासन, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना नहीं होगी, तब तक इन सुविधाओं का सही लाभ नहीं मिल सकेगा। इस घटना के बाद यह जरूरी हो गया है कि यात्रियों को आधुनिक ट्रेनों के संचालन की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाए और दोषियों को सख्त सजा देकर एक सख्त संदेश दिया जाए।

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