August 23, 2026

पटना एम्स के डॉक्टर को हुआ कोरोना, एक्टिव मरीजों की संख्या हुई तीन, लोगों से सतर्क रहने की अपील

पटना। बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर कोरोना वायरस का खतरा मंडराने लगा है। ताजा जानकारी के अनुसार, पटना एम्स के एक जूनियर डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इससे पहले शहर में दो और मामले सामने आ चुके हैं, जिससे कुल एक्टिव मामलों की संख्या अब तीन हो गई है। हालांकि यह संख्या छोटी है, लेकिन इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है, खासकर तब जब देश के कई राज्यों में संक्रमण की रफ्तार एक बार फिर तेज हो रही है।
संक्रमितों की स्थिति और पहचान
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, तीन संक्रमितों में से एक एम्स पटना के जूनियर डॉक्टर हैं और दूसरे संक्रमित व्यक्ति भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 30 वर्षीय वैज्ञानिक हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों संक्रमित व्यक्तियों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, यानी वे हाल के दिनों में किसी यात्रा पर नहीं गए थे। इससे संकेत मिलता है कि संक्रमण अब फिर से स्थानीय स्तर पर फैलने लगा है। फिलहाल इन दोनों में गंभीर लक्षण नहीं हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है।
नए वेरिएंट की आशंका और जांच
देश के अन्य हिस्सों से सामने आ रहे नए कोरोना वेरिएंट के मामलों के बीच बिहार में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। अभी तक राज्य में नए स्ट्रेन की जीनोमिक सीक्वेंसिंग नहीं की जा रही थी, लेकिन अब आरटी-पीसीआर जांच में पॉज़िटिव पाए गए नमूनों की जीनोमिक जांच शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या संक्रमित लोग नए वेरिएंट से प्रभावित हैं।
अस्पतालों में तैयारियां शुरू
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर पटना समेत सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आईजीआईएमएस के अधीक्षक डॉ मनीष मंडल ने जानकारी दी कि विभाग के आदेश पर अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए 12 ऑक्सीजन बेड और 3 आईसीयू बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस बार मरीजों में पहले जैसे लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। अब संक्रमित लोग गले में खराश या खांसी की बजाय सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी और ऑक्सीजन स्तर में गिरावट की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
देश में फैल रहे नए सब-वेरिएंट
भारत में कोविड-19 के दो नए सब-वेरिएंट सामने आए हैं। इनमें NB.1.8.1 वेरिएंट तमिलनाडु में और LF.7 वेरिएंट गुजरात में पाए गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इन वेरिएंट्स को अभी ‘निगरानी श्रेणी’ में रखा है, यानी ये फिलहाल उतने गंभीर नहीं माने जा रहे हैं। लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है, क्योंकि इन वेरिएंट्स के लक्षण पारंपरिक कोरोना संक्रमण से कुछ अलग नजर आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की पहल और निर्देश
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलों को जरूरी संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इनमें टेस्टिंग किट, मास्क, दवाइयां, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर और अन्य जरूरी उपकरण शामिल हैं। इसके साथ ही अस्पतालों में आईसीयू बेड्स और ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
जनता से अपील
हालांकि अभी तक स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन ने आम लोगों से सतर्क रहने और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है। मास्क पहनना, भीड़ से बचना और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराना बेहद जरूरी है। संक्रमण की यह नई लहर धीमी जरूर है, लेकिन इसकी अनदेखी करना भविष्य में भारी पड़ सकता है।

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