फुलवारी सीट : नत्थूपुर में एक प्रत्याशी के करीबी मुखिया पति की पिटाई, कपड़े तक फाड़ डाले

फुलवारीशरीफ। फुलवारी विधानसभा में जदयू प्रत्याशी अरुण मांझी के करीबी और स्थानीय चिल्बिल्ली पंचायत के मुखिया पति शत्रुध्न पासवान को दबंग लड़के ने पहले धमकाया और फिर कहासुनी के दौरान पिट दिया। जिसमें उनके कपड़े तक फाड़ डाले, हालांकि इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने मामले को संभाला। नत्थुपुर में 203 से 207 तक मतदान केंद्र बनाये गये थे। जहां मोहन साव और उनके परिवार के लोगों ने बताया कि उनका नाम ही वोटर लिस्ट में नहीं था, जिससे मतदान से वंचित होना पड़ा। इसके आलावा पुनपुन के बकपुर के पप्पु चांद ने बताया कि उनके गांव के करीब 50 से अधिक लोगो का नाम नया वोटर लिस्ट में डिलीट कर दिया गया, जो जीवित है और उसके बावजूद भी मतदान नही कर पाए। यह किसी की साजिश है, जिससे जीवित लोगों के नाम मिटा दिए गये। वही फुलवारी शरीफ के हाई स्कूल पर मतदान करने पहुंचे दिलीप यादव ने बताया कि उनके घर में बीएलओ ने पर्ची ही नहीं दिया और जब मतदान केंद्र पर पर्ची की मांग की गयी तो बीएलओ पर्ची उपलब्ध कराने की बात पर अड़ गयी। ऐसी ही कई मतदान केन्द्रों पर शिकायतों का अंबार लगा रहा। जहां बीएलओ पर पर्ची सही तरीके से नहीं बांटने की शिकायते लोग करते रहे। हाई स्कूल पर बूथ नंबर 98 पर अपना मतदान करने पहुंचे पत्रकार भी बीएलओ से पर्ची नहीं दिए जाने की शिकायत कर दी तो काफी देर बाद उन्हें नई पर्ची बनाकर दिया गया। ईसापुर के अपार्टमेंट इलाके के आसपास के लोगों का मतदान केंद्र कुरकुरी रोड में मध्य विद्यालय में बनाया गया था, जहां एक मतदान केंद्र संख्या 332 पर आधा घंटा तक मतदान बाधित रहा, यहां लोगों ने बताया कि इवीएम खराब थी, जिसे बाद में बदला गया। परसा पंचायत में एक मतदान केंद्र पर रामानंद यादव, परसा रहीमपुर निवासी ने कहा कि मतदान केंद्र संख्या 219 पर माले को छोड़ कोई दूसरी पार्टी का पोलिंग एजेंट तक नहीं मिला, हर तरफ तीन तारा है।
मतदान केन्द्रों की संख्या बढाये जाने से भी पहले जैसी नहीं उमड़ी भीड़
इस बार मतदान केन्दों की संख्या में दुगुनी से ज्यादा का इजाफा कोरोना संकट को देखते हुए किया गया था, जिसका फायदा यह नजर आया कि पहले की तरह किसी भी मतदान केन्द्रों पर अत्यधिक भीड़, लंबी और उबाऊ कतारें नहीं लगी और न ही अफरातफरी का माहौल ही बन पाया। वहीं अधिकांश मतदान केन्द्रों पर भीड़ नहीं देख जो लोग मतदान करके लौट रहे थे, वे दूसरे लोग को यह कहते नजर आये कि एकदमे खाली खाली हवअ बुथवा, जा लो जल्दी से मतदान करले आव….। मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण जारी रही और मतदाताओं में गजब का उत्साह देखा गया। खासकर महिलाओं में उत्साह चरम पर देखा गया।

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