पटना के गोला रोड अपार्टमेंट विवाद: आर डी बिल्डर ने कथित जमीन मालिकों पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप..

  • जमीन पर पहले से दो टाइटल सूट, रेरा तथा हाईकोर्ट से भी जीत..

पटना। पटना के दानापुर इलाके के गोला रोड में स्थित राम स्वरूप अपार्टमेंट में बिल्डर और जमीन मालिक के बीच हुए विवाद के संदर्भ में आर डी इको डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के बिल्डर प्रमोद कुमार ने बताया कि इस मामले में वे खुद जमीन मालिक के द्वारा ठगी के शिकार हुए हैं.तथाकथित जमीन मालिक ने विवादित प्लॉट उन्हें डेवलप एग्रीमेंट के तहत दिया था.बाद में अपार्टमेंट बनने के बाद जानकारी हुई कि इस जमीन पर टाइटल सूट चल रहा है.ऐसे में जमीन के वास्तविक मालिक का निर्धारण जब तक न्यायालय के द्वारा नहीं किया जाता है.कंपनी जमीन मालिक के हिस्से का फ्लैट किसी और को आवंटित नहीं कर सकती है.इतना ही नहीं उन्होंने यह भी बताया कि तथाकथित जमीन मालिकों ने अपने शेयर उन्हें बेच दिए हैं और इसकी आवाज में मोटी रकम की वसूली की है. इस पूरे मामले में बिल्डर प्रमोद कुमार के द्वारा बताया गया कि उक्त जमीन पर 2008 से लेकर 2024 तकरीबन एक दर्जन से अधिक कानूनी विवाद के मामले चल रहे हैं.जमीन के मालिकाना हक को लेकर दानापुर अंचलाधिकारी,दानापुर डीसीएलआर,एडीएम पटना, कमिश्नर पटना,बिहार राज्य भूमि न्यायिक प्राधिकरण पटना समेत दानापुर एसडीएम कोर्ट में मामले चल रहे हैं. इसके अतिरिक्त दानापुर के सिविल कोर्ट में टाइटल सूट संख्या 260/ 2023 भी अभी तक पेंडिंग है.इसके अतिरिक्त दानापुर सिविल कोर्ट में ही आरोप लगाने वाले कथित जमीन मालिक सुनील सिंह के द्वारा टाइटल सूट 455/ 2023 दायर किया गया है.जो अभी तक लंबित है. उन्होंने कहा कि तथाकथित जमीन मालिकों ने रेरा में भी कंपनी के खिलाफ शिकायत की थी.लेकिन उनके शिकायत में सच्चाई नहीं होने के कारण रेरा ने कंपनी के प्रोजेक्ट का काम नहीं रोका.

इतना ही नहीं उन लोगों ने हाईकोर्ट में भी मामला दायर किया.लेकिन हाईकोर्ट में भी उनके द्वारा दायर किए गए मामले में उन्हें किसी प्रकार की राहत नहीं दी. क्योंकि उनका मामला न्यायोचित सही नहीं पाया गया. उन्होंने बताया कि जमीन मालिक ने अपने शेयर के फ्लैट की बिक्री उन्हें ही कर दी तथा उनसे मोटी रकम की वसूली बस इसलिए की क्योंकि वे भली-भांति जानते थे कि कालांतर में उनके काले कारनामे सामने आ जाएंगे.तब उन्हें कुछ नहीं मिलेगा.उन्होंने कहा कि जमीन मालिक का दावा करने वाले ये लोग शुरू से ही षड्यंत्रकारी प्रवृत्ति के रहे हैं. जिनकी जानकारी कंपनी को समय रहते हो गई.उन्होंने बताया कि बस छवि को धूमिल करने के लिए अनाप-शनाप आरोप लगाया जा रहे हैं.जहां इतने कानूनी विवाद से जुड़े केस लंबित है.वहां जब तक न्यायालय के द्वारा असली जमीन मालिक का निर्धारण नहीं किया जाएगा.तब तक कंपनी किसी को भी हिस्सा कैसे आवंटित कर सकती है. उन्होंने कहा कि जमीन के डेवलपमेंट एग्रीमेंट के उपरांत बिहार राज्य भूमि न्यायिक प्राधिकरण में इस जमीन से जुड़ा एक फैसला आया.इसके बाद जमीन मालिकों ने आपस में खेमेबाजी करके एक दूसरे पर दानापुर कोर्ट में टाइटल सूट संख्या-260/23 तथा 455/23 दायर कर दिया.जो अभी तक कोर्ट में भी विचाराधीन है. उल्लेखनीय है किसके पूर्व जमीन मालिक के पक्ष के द्वारा बिल्डर पर आरोप लगाया गया था कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बिल्डर द्वारा जमीन मालिक को एग्रीमेंट के तहत उनका तय हिस्सा (50%) देने से इनकार किया जा रहा है, जिससे दोनों पक्षों में गहरा विवाद हो गया है। जमीन मालिक का दावा करने वाले लोगों ने आरोप लगाया था कि एग्रीमेंट के अनुसार जमीन मालिक का 50% हिस्सा तय था. अपार्टमेंट का निर्माण पूरा होने के बाद, बिल्डर जमीन मालिक को उनका हिस्सा देने से मुकर रहा है और आरोप है कि बिल्डर ने पुलिस बल तैनात कर दिया है।जमीन मालिकों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन (जैसे दानापुर एसडीएम) बिल्डर की तरफदारी कर रहा है, जिसके कारण उन्हें उनके अपने ही जमीन पर बने अपार्टमेंट में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। इस मामले में जमीन मालिक न्याय की गुहार लगा रहे हैं और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में जब कंपनी से संपर्क किया गया तो उक्त जमीन पर इतने सारे विवाद होने की जानकारी मिली ऐसी स्थिति में जब तक न्यायालय के द्वारा मामले का निस्तारण नहीं किया जाता है तब तक यह कहना कि किसने किसके साथ धोखाधड़ी की है कानून उचित नहीं होगा. आर डी इको डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी प्रमोद कुमार ने कहा कि न्यायालय के द्वारा दिए गए आदेश का पूरी तरह से पालन किया जाएगा. उन्होंने कहा की अपार्टमेंट का निर्माण रेरा के द्वारा निर्धारित मानकों तथा विधि सम्मत प्रक्रिया से किया गया है.

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