बिहार में आंधी-बारिश का कहर: दिन में छाया अंधेरा, कई जिलों में जलजमाव और नुकसान

  • पूरे प्रदेश में तीन दिन तक खराब मौसम का अलर्ट, फसलों के सर्वे के निर्देश
  •  तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन प्रभावित, लोगों को भीषण गर्मी से मिली राहत

पटना। बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और गरज के साथ मौसम पूरी तरह बदल गया। राजधानी पटना समेत खगड़िया, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, सारण, जहानाबाद, बक्सर, समस्तीपुर, बेगूसराय, शिवहर और अन्य जिलों में सुबह से ही घने काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही अंधेरे जैसी स्थिति बन गई। कई स्थानों पर लोगों को वाहन चलाने के दौरान लाइट जलानी पड़ी। मौसम विभाग ने राज्यभर में अगले तीन दिनों तक इसी तरह के मौसम की चेतावनी जारी की है। यह जानकारी उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री पर आधारित है।  राजधानी पटना में तेज हवाओं और बारिश के कारण कई प्रमुख इलाकों में पेड़ गिर गए। प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीनों की सहायता से पेड़ों को हटाने का कार्य किया गया। वहीं कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। सासाराम सदर अस्पताल परिसर में घुटनों तक पानी भर गया, जबकि खगड़िया और अन्य जिलों में भी सड़कों पर जलभराव देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने और स्थानीय स्तर पर निम्न दबाव क्षेत्र बनने के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। यही वजह है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल बन रहे हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। दिन के समय बढ़ती गर्मी और नमी के कारण शाम के समय गरज, चमक और वज्रपात की स्थिति भी बन रही है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वर्तमान स्थिति मानसून पूर्व गतिविधियों का संकेत दे रही है। हालांकि अभी दक्षिण-पश्चिम मानसून का बिहार में आधिकारिक प्रवेश नहीं हुआ है, लेकिन मौसम का स्वरूप मानसून पूर्व परिस्थितियों जैसा दिखाई दे रहा है। समस्तीपुर में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। वहीं बेगूसराय, मधुबनी, बगहा और नालंदा में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहा। शिवहर में दिन के समय अंधेरा छा गया और तेज बारिश हुई। औरंगाबाद में लगातार एक घंटे तक हुई बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया तथा कई स्थानों पर पेड़ टूटने की घटनाएं सामने आईं। कैमूर और रोहतास जिलों में भी आंधी और बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले कुछ घंटों के दौरान गया, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी और वैशाली समेत कई जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को खराब मौसम से फसलों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण कराने का निर्देश दिया है। सरकार की प्राथमिकता किसानों को हुए संभावित नुकसान का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि इसके बाद अगले चार दिनों में तापमान में तीन से पांच डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। जून के पहले सप्ताह तक रुक-रुक कर बारिश, तेज हवाओं और बादलों का दौर जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में बिहार के लोगों को आने वाले दिनों में भी मौसम के उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।

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