बिहार में आंधी-बारिश का कहर, पांच की मौत, जनजीवन और यातायात बुरी तरह प्रभावित

  • कई जिलों में पेड़ और दीवार गिरने से हादसे, रेल और हवाई सेवाएं भी बाधित
  • मौसम विभाग का अलर्ट जारी, तीन मई तक जारी रहेंगी प्री-मानसून गतिविधियां

पटना। भीषण गर्मी के बीच बिहार में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी-बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। बुधवार को राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में तेज हवा, धूल भरी आंधी और मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। इस दौरान विभिन्न घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।  राजधानी पटना में आंधी के दौरान एक दीवार गिरने से दो लोगों की दबकर मौत हो गई। वहीं जमुई जिले के गिद्धौर में वज्रपात की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की जान चली गई। समस्तीपुर और बेगूसराय में भी एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर है। जहानाबाद में एक मकान का छज्जा गिरने से चार लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  तेज आंधी का असर केवल जनजीवन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। पटना में शाम के समय आई तेज आंधी और बारिश के कारण हवाई सेवाओं पर असर पड़ा। दिल्ली से आने वाली एअर इंडिया की उड़ान को वाराणसी और कोलकाता से आने वाली इंडिगो की उड़ान को लखनऊ की ओर मोड़ना पड़ा। इन विमानों में कुल 175 यात्री सवार थे।  रेल सेवाएं भी प्रभावित रहीं। पटना-दिल्ली रेल मार्ग पर बिहटा और कुल्हड़िया के बीच ओवरहेड तार पर पेड़ गिर जाने से करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। राजेंद्रनगर तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति और मगध एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर रुकी रहीं। ट्रैक साफ होने के बाद ही परिचालन सामान्य हो सका। बक्सर जिले में आंधी के दौरान बड़ा हादसा टल गया, जब एक पेड़ ई-रिक्शा पर गिर गया। उस समय वाहन में छह लोग सवार थे, जिन्हें मामूली चोटें आईं। वहीं भोजपुर में महुली पीपा पुल तेज आंधी के कारण तीन हिस्सों में टूट गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। मौसम की मार से कृषि क्षेत्र भी अछूता नहीं रहा। कई जिलों में ओलावृष्टि के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वैज्ञानिकों के अनुसार पछुआ और पुरवा हवाओं के टकराव से बने दबाव के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। 22 जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ है। कई जगह बिजली के पोल और तार पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही। सुपौल, मोतिहारी और बक्सर समेत कई जिलों में लोगों को रातभर बिजली संकट का सामना करना पड़ा। कुछ क्षेत्रों में अब भी आपूर्ति बहाल करने का कार्य जारी है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। 19 जिलों में ऑरेंज और 19 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने, वज्रपात और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। किशनगंज, मधुबनी और सीतामढ़ी में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। विभाग के अनुसार तीन मई तक प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय रहेंगी, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की स्थिति बनी रहेगी। इसके कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि कुछ जिलों में तापमान अभी भी अधिक बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में सतर्कता बेहद जरूरी है। खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन की टीमों को सक्रिय रखा गया है। बिहार में अचानक बदले मौसम ने राहत के साथ-साथ तबाही भी लाई है। जहां एक ओर तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी-बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। आने वाले दिनों में भी मौसम के ऐसे ही बने रहने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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