दानापुर में आंधी-तूफान का कहर, निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिरने से दो की मौत

  • तेज हवा और बारिश के बीच हुआ हादसा, एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल
  • पुलिस ने जांच शुरू की, निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

पटना। दानापुर क्षेत्र में बुधवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने एक दर्दनाक हादसे को जन्म दे दिया। रूपसपुर थाना क्षेत्र के रुकनपुरा देवी स्थान के पास एक निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना ने इलाके में दहशत और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। मृतकों की पहचान तिलक नगर निवासी 73 वर्षीय त्रिभुवन प्रसाद सिंहा और रुकनपुरा निवासी 45 वर्षीय अनीता देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अनीता देवी मूल रूप से नौबतपुर की रहने वाली थीं और वर्तमान में रुकनपुरा में निवास कर रही थीं। घायल व्यक्ति का इलाज नजदीकी निजी अस्पताल में जारी है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवा के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान दोनों मृतक पैदल अपने घर लौट रहे थे। तभी निर्माणाधीन भवन की छठी मंजिल से अचानक दीवार भरभराकर नीचे गिर गई और दोनों उसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा और बारिश के कारण इमारत का ढांचा पहले से ही कमजोर हो चुका था। जैसे ही हवा का दबाव बढ़ा, दीवार गिर गई और तेज आवाज के साथ आसपास अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। रूपसपुर थाना प्रभारी शशि भूषण सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह हादसा तेज आंधी-तूफान के कारण हुआ प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। मृतका अनीता देवी के बेटे पप्पू गुप्ता ने बताया कि उनकी मां आंधी आने से लगभग आधे घंटे पहले घर से निकली थीं। रास्ते में ही यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर वे तुरंत मौके पर पहुंचे और अपनी मां को अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिवार में इस घटना के बाद शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस इमारत की दीवार गिरी, वह निर्माणाधीन थी और उसकी मजबूती को लेकर पहले भी सवाल उठाए गए थे। बताया जा रहा है कि यह भवन नंद किशोर सिंह का है। इस घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही भवन निर्माण से जुड़े पहलुओं की जांच भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन की ओर से यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं बरती गई थी। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शहर में निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सतर्कता बरती जा रही है या नहीं। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो शायद इस तरह की घटना को टाला जा सकता था। फिलहाल, प्रशासन और पुलिस की जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।

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