August 14, 2026

मुजफ्फरपुर में ब्यूटी पार्लर की आड़ में देह व्यापार का खुलासा, पांच पार्लरों में छापेमारी, दो नाबालिग बच्चियां बरामद

  • पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया, दूसरे जिलों और राज्यों तक नेटवर्क की जांच

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में ब्यूटी पार्लर की आड़ में कथित रूप से चल रहे देह व्यापार के नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए पांच ब्यूटी पार्लरों में छापेमारी की। इस दौरान दो नाबालिग बच्चियों को बरामद किया गया और 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों से महिलाओं और लड़कियों को काम दिलाने का झांसा देकर लाने की बात सामने आई है। अब पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
नाबालिग के लापता होने से खुला मामला
मामले की शुरुआत पानापुर करियात थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बच्ची के लापता होने के बाद हुई। परिजनों ने 12 जुलाई को बच्ची के घर से निकलने के बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक, बच्ची की इंटरनेट आधारित सामाजिक मंच इंस्टाग्राम के माध्यम से बेंगलुरु के एक युवक से पहचान हुई थी। वह उससे मिलने के लिए घर से निकली थी और मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि स्टेशन के आसपास उसकी मुलाकात संजय साह उर्फ सूरज साह से हुई। आरोप है कि संजय ने बच्ची को काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले लिया और इसके बाद उसे देह व्यापार के नेटवर्क में धकेल दिया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को संजय साह के बारे में जानकारी मिली, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में कार्रवाई की।
पार्लर से बरामद हुई पहली नाबालिग
पुलिस के अनुसार, काजी मोहम्मदपुर इलाके में छापेमारी के दौरान लापता नाबालिग बच्ची को बरामद कर लिया गया। पूछताछ में बच्ची ने पुलिस को बताया कि उसे रोजगार दिलाने के नाम पर ब्यूटी पार्लर लाया गया था। पुलिस के मुताबिक, बाद में उसे वहां से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई और ग्राहकों के संपर्क में भेजे जाने का दबाव बनाया गया। बच्ची से मिली जानकारी को पुलिस ने जांच का अहम सुराग माना। इसके बाद टीम ने उसी क्षेत्र के नया टोला स्थित एक अन्य ब्यूटी पार्लर पर छापेमारी की। यहां से माया देवी और पूनम देवी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से कुछ आपत्तिजनक सामान भी बरामद करने की बात कही है। इसी कार्रवाई के दौरान एक दूसरी नाबालिग बच्ची को भी मुक्त कराया गया।
दूसरी बच्ची की जानकारी से आगे बढ़ी जांच
दूसरी नाबालिग से पूछताछ के बाद पुलिस को शहर के अन्य पार्लरों और उनसे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद जांच टीम ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार माया देवी से पूछताछ के आधार पर नगर थाना क्षेत्र के कटही पुल रोड और पुराने धर्मशाला चौक के आसपास स्थित तीन अन्य ब्यूटी पार्लरों में छापेमारी की गई। इन स्थानों से पुलिस ने कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूरी कार्रवाई में कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार आरोपियों में संजय साह, माया देवी, पूनम देवी, सोनी देवी, रीना देवी, सुलेखा कुमारी, बिला दास, सुमंती देवी, मर्जीना खातून, चिंता देवी, किरण देवी और पूजा देवी शामिल हैं।
बिहार से पश्चिम बंगाल तक जुड़ रहे तार
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों के अलग-अलग इलाकों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के संबंध मुजफ्फरपुर के साथ जलपाईगुड़ी, वैशाली और सीतामढ़ी समेत कई क्षेत्रों से हैं। इससे जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल मुजफ्फरपुर के कुछ ब्यूटी पार्लरों तक सीमित नहीं हो सकता। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अलग-अलग पार्लरों के संचालकों और आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क था। साथ ही उन लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है जो दूसरे जिलों या राज्यों से लड़कियों और महिलाओं को यहां लाने का काम करते थे।
तस्वीर भेजकर ग्राहकों से संपर्क का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच में कथित नेटवर्क के काम करने के तरीके की भी जानकारी सामने आई है। आरोप है कि ग्राहकों से संपर्क करने के बाद उन्हें महिलाओं की तस्वीरें भेजी जाती थीं। बातचीत और सौदा तय होने के बाद ग्राहकों को संबंधित पार्लर पर बुलाया जाता था। पुलिस के अनुसार, कुछ मामलों में सेवा के नाम पर हजारों रुपये तक लिए जाने की जानकारी मिली है जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में कौन लोग ग्राहकों से संपर्क करते थे, पैसे का लेन-देन किस माध्यम से होता था और अलग-अलग पार्लरों के बीच समन्वय कौन कराता था।
पुलिस खंगाल रही आरोपियों का पुराना रिकॉर्ड
पश्चिमी-01 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुचित्रा कुमारी के अनुसार, नाबालिग के लापता होने के मामले की जांच के दौरान महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। इन्हीं सुरागों के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो नाबालिगों को मुक्त कराया गया और 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि कथित नेटवर्क का संचालन कितने समय से हो रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इसके तार मुजफ्फरपुर से बाहर दूसरे जिलों और राज्यों तक जुड़े हैं या नहीं। नाबालिगों की बरामदगी के बाद पुलिस अब मामले में शामिल अन्य संभावित लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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