संजय झा का तेजस्वी पर हमला, कहा- उनको जनता ने हरा दिया, मुद्दे उठा कर कर रहे राजनीति
- लोकभवन मार्च और वायरल वीडियो पर जदयू नेता का तंज, कहा- पानी में कूदकर लाइक-शेयर गिनने से नहीं होती राजनीति
- ‘चंदा चोर-पेपर चोर’ नारों से गरमाई सियासत, तेजस्वी के पोस्ट पर गिरिराज सिंह का पलटवार
पटना। बिहार की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के सामने लगाए गए नारों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह गैर-मुद्दों को मुद्दा बनाकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी तेजस्वी के सोशल मीडिया पोस्ट पर तीखा पलटवार किया है। संजय झा ने कहा कि विपक्ष को सरकार के कामकाज और जनता से जुड़े मुद्दों पर ठोस तथा गंभीर सवाल उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव ऐसे मामलों को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं, जो पहले ही सुलझाए जा चुके हैं। उनके अनुसार, हालिया चुनाव के नतीजे भी जनता की राजनीतिक सोच को स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष के नेता का मजबूत होना जरूरी है, लेकिन तेजस्वी यादव की राजनीति में फिलहाल कोई ठोस मुद्दा दिखाई नहीं दे रहा है। संजय झा ने तेजस्वी को अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा कि उनकी पार्टी के भीतर भी भविष्य को लेकर चिंताएं दिखाई दे रही हैं। तेजस्वी यादव के एक वायरल वीडियो को लेकर भी संजय झा ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि राजनीति में गंभीर और ठोस बात होनी चाहिए। केवल पानी में कूदकर वीडियो बनाने और फिर सोशल मीडिया पर लाइक तथा शेयर की संख्या गिनने से राजनीति नहीं चलती। उन्होंने कहा कि जनता केवल दिखावे की राजनीति नहीं, बल्कि वास्तविक मुद्दों और विकास कार्यों का जवाब चाहती है। संजय झा ने बिहार सरकार के कामकाज का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार ने विभिन्न परिस्थितियों को बेहतर ढंग से संभालने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्तर पर लगातार निगरानी की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में भी बिहार में कई महत्वपूर्ण काम हुए हैं और इसमें नीतीश कुमार के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वंदे मातरम के मुद्दे पर संजय झा ने कहा कि जो लोग संविधान और कानून में विश्वास रखते हैं, उन्हें कानून का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम से जुड़े प्रावधानों और नियमों का भी सभी को पालन करना चाहिए। फरक्का बैराज और भारत-बांग्लादेश गंगा संधि पर जनता दल यूनाइटेड का रुख स्पष्ट करते हुए संजय झा ने कहा कि करीब 30 वर्ष पुरानी संधि अब समाप्ति की ओर बढ़ रही है। उनका आरोप है कि इस व्यवस्था के कारण बिहार को कई वर्षों से बाढ़ और सूखे जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पहले फरक्का संधि समाप्त करने और बैराज हटाने की मांग उठा चुके हैं। इधर, तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च के दौरान भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के सामने लगाए गए नारों ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। मार्च के दौरान तेजस्वी यादव ने “चंदा चोर” और “पेपर चोर” जैसे नारे लगाए। बाद में उन्होंने इस घटनाक्रम का वीडियो अपने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में भारतीय जनता पार्टी कार्यालय को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि पार्टी के कार्यालय दंगा-फसाद, नफरत और हिंसा फैलाने जैसी गतिविधियों के केंद्र बनते जा रहे हैं। तेजस्वी के इस बयान के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से पलटवार किया। उन्होंने तेजस्वी यादव पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए जवाब दिया, जिसके बाद बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। लोकभवन मार्च से शुरू हुआ यह राजनीतिक विवाद अब सोशल मीडिया, नारों और नेताओं के बयानों के जरिए बिहार की राजनीति में नई बहस का विषय बन गया है।


