पटना में नीट की छात्रा ने की आत्महत्या, हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला शव
- समस्तीपुर की रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा पटना में रहकर कर रही थी प्रवेश परीक्षा की तैयारी
- फोन पर रोते हुए दोस्त से साझा की थी परेशानी, पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी
पटना। राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की आत्महत्या की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पत्रकार नगर थाना क्षेत्र स्थित एक छात्रावास में 17 वर्षीय छात्रा का शव कमरे में फंदे से लटका मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्रा मानसिक तनाव में थी और घटना से पहले उसने अपने एक मित्र से फोन पर बातचीत के दौरान अपनी परेशानियों का जिक्र भी किया था। मृतका की पहचान समस्तीपुर जिले की रहने वाली श्रुति कुमारी के रूप में हुई है। वह वर्ष 2024 से पटना में रहकर चिकित्सा प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। छात्रा पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के सचिवालय कॉलोनी स्थित राधे कृष्णा छात्रावास में रह रही थी। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन दल को भी घटनास्थल पर बुलाया है ताकि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा सके। छात्रावास संचालिका आभा सिंह ने बताया कि सोमवार की रात श्रुति ने सामान्य रूप से भोजन किया था और उसके बाद अपने कमरे में चली गई थी। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकती है। उनके अनुसार छात्रा स्वभाव से काफी शांत और कम बोलने वाली थी। हाल ही में वह अपने घर से वापस पटना लौटी थी। पाठ्यक्रम समाप्त होने के बाद वह कुछ समय के लिए अपने गांव गई थी और लगभग दस दिन पहले ही वापस छात्रावास आई थी। मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि घटना से पहले छात्रा ने अपने एक मित्र से फोन पर बातचीत की थी। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान वह काफी भावुक थी और रो रही थी। मित्र ने उसे समझाने का प्रयास किया और किसी भी प्रकार का गलत कदम न उठाने की सलाह दी। साथ ही उसे अपने माता-पिता के पास जाने की बात भी कही। इस पर छात्रा ने कथित रूप से कहा कि उसके माता-पिता भी उससे बात नहीं करते हैं। इस बातचीत के बाद से उसके मानसिक तनाव को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। छात्रावास में रहने वाली अन्य छात्राओं ने भी बताया कि श्रुति पिछले कुछ दिनों से परेशान दिखाई दे रही थी। बगल के कमरे में रहने वाली छात्रा अंशु ने बताया कि सुबह जब वह कमरे से बाहर नहीं निकली तो उन्हें चिंता हुई। कई बार दरवाजा खटखटाने के बाद जब कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजा खोला गया। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। श्रुति का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ था। इसके बाद तुरंत छात्रावास प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी गई। अंशु के अनुसार, घटना से एक रात पहले भी श्रुति किसी युवक से फोन पर बातचीत करते हुए रो रही थी। वह काफी व्यथित लग रही थी। उन्होंने उसे समझाने और शांत करने का प्रयास किया था, लेकिन वह लगातार परेशान नजर आ रही थी। इसी कारण अब जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी बन गया है कि आखिर उसकी परेशानी की वजह क्या थी। छात्रा के रिश्तेदार अमरेंद्र कुमार कर्ण ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी फोन के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि परिवार इस घटना से पूरी तरह टूट गया है। छात्रा की मां एक शिक्षिका हैं जबकि पिता किसान हैं। परिजनों के अनुसार, हाल के दिनों में एक युवक द्वारा उसे परेशान किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर संभावित कोण से जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, मोबाइल फोन की जानकारी और छात्रा के संपर्कों की पड़ताल की जाएगी। वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन दल की रिपोर्ट तथा अन्य तकनीकी जांच के बाद ही घटना के कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। फिलहाल इस दुखद घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और भावनात्मक चुनौतियों को लेकर एक बार फिर गंभीर चर्चा छेड़ दी है। छात्रा की असामयिक मौत से उसके परिवार, मित्रों और छात्रावास में रहने वाले अन्य विद्यार्थियों के बीच शोक का माहौल है।


