पटना में विवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी, दहेज हत्या का आरोप; पति समेत चार नामजद आरोपी फरार
- मायके पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर करंट देकर और गला दबाकर हत्या का लगाया आरोप
- पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, हत्या और दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू
पटना। राजधानी पटना के धनरूआ थाना क्षेत्र में एक 20 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतका के परिजनों ने इस घटना को दहेज हत्या बताते हुए पति और उसके परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण विवाहिता की पहले बिजली का करंट लगाकर हत्या करने का प्रयास किया गया और बाद में तार से गला दबाकर उसकी जान ले ली गई। घटना के बाद पति सहित ससुराल पक्ष के सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पटना मेडिकल महाविद्यालय एवं अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी।
गुलरिया बिगहा गांव की घटना से फैली सनसनी
यह घटना धनरूआ थाना क्षेत्र के गुलरिया बिगहा गांव की है। मृतका की पहचान पूजा कुमारी के रूप में हुई है, जो जहानाबाद जिले के घोसी निवासी अजय यादव की पुत्री थीं। पूजा का विवाह मार्च 2024 में गुलरिया बिगहा निवासी रविरंजन कुमार के साथ हुआ था। विवाह के कुछ ही महीनों बाद ससुराल पक्ष और मायके पक्ष के बीच दहेज को लेकर विवाद की बातें सामने आने लगी थीं। रविवार को पूजा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस और मृतका के परिजनों को दी।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के चाचा रामध्यान कुमार ने आरोप लगाया कि विवाह के समय उनकी आर्थिक क्षमता के अनुसार मोटरसाइकिल, नकद राशि तथा अन्य घरेलू सामान दहेज के रूप में दिया गया था। इसके बावजूद ससुराल पक्ष लगातार अतिरिक्त दहेज, चारपहिया वाहन और नकद धनराशि की मांग कर रहा था। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर पूजा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिवार का आरोप है कि यह प्रताड़ना लंबे समय से जारी थी और कई बार समझौते का प्रयास भी किया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
करंट लगाने और गला दबाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि घटना वाले दिन पति रविरंजन कुमार ने पहले पूजा को बिजली का करंट लगाकर गंभीर रूप से घायल किया। इसके बाद तार से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा वैज्ञानिक जांच के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
घटना के बाद फरार हुआ ससुराल पक्ष
घटना के बाद पति सहित ससुराल पक्ष के सभी सदस्य घर छोड़कर फरार हो गए। जब मायके पक्ष के लोग गुलरिया बिगहा पहुंचे तो घर में किसी भी आरोपी की मौजूदगी नहीं मिली। इससे परिजनों का आक्रोश और बढ़ गया। नाराज लोगों ने ससुराल के घर में तोड़फोड़ की तथा वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचाया। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही धनरूआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर हालात को नियंत्रित किया।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए पटना मेडिकल महाविद्यालय एवं अस्पताल भेज दिया। मृतका के चाचा रामध्यान कुमार के लिखित बयान के आधार पर धनरूआ थाना में हत्या और दहेज प्रताड़ना से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में पति रविरंजन कुमार, सास, ससुर और ननद को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
जांच के बाद सामने आएगी मौत की सच्चाई
मसौढ़ी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 कन्हैया कुमार सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट होंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। यदि जांच में परिजनों के आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि कोई अन्य तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर भी आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दहेज प्रथा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। विवाह के बाद अतिरिक्त दहेज की मांग और उससे जुड़ी प्रताड़ना के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने होंगे। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतका के परिजन आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।


