पटना में नशीले कफ सिरप की बड़ी खेप जब्त, महिला समेत तीन तस्कर गिरफ्तार
- वाहन जांच के दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा टेम्पो, 35.8 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद
- तस्करी के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस, वैशाली और समस्तीपुर के आरोपियों से पूछताछ जारी
पटना। बिहार में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पटना जिले के नदी थाना क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। विशेष छापेमारी अभियान के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद करते हुए एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद कफ सिरप की कुल मात्रा 35.800 लीटर बताई जा रही है। पुलिस इस मामले को नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से जोड़कर जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है। इस मामले का खुलासा शनिवार को फतुहा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 अवधेश कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान किया। उन्होंने बताया कि नदी थाना क्षेत्र के पक्कीदरगाह इलाके में नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली और सतर्कता बढ़ा दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार, 5 जून को नदी थानाध्यक्ष सद्दाम हुसैन के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल पक्कीदरगाह के समीप वाहन जांच कर रहा था। इसी दौरान पीपा पुल की दिशा से एक टेम्पो तेज रफ्तार में आता दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वाहन में सवार लोगों ने घबराकर टेम्पो को दूसरी दिशा में मोड़ दिया और बंकाघाट स्टेशन की ओर भागने का प्रयास किया। वाहन की संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए पुलिस दल ने तुरंत उसका पीछा शुरू किया। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर टेम्पो को रोक लिया। जब वाहन की तलाशी ली गई तो उसके अंदर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप रखा हुआ मिला। पुलिस ने मौके पर ही वाहन को जब्त कर लिया और उसमें सवार तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान टेम्पो से 100 मिलीलीटर क्षमता वाली कुल 358 बोतल कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद की गई। बरामद सिरप की कुल मात्रा 35.800 लीटर आंकी गई है। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बरामद दवा का उपयोग नशीले पदार्थ के रूप में किया जा सकता है और इसकी अवैध तस्करी की जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैशाली जिले के राजू कुमार और हनुमान कुमार तथा समस्तीपुर जिले की शोभा देवी के रूप में की गई है। पुलिस का मानना है कि ये लोग किसी बड़े तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए पूछताछ का दायरा बढ़ाया गया है। फतुहा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद नशीले पदार्थों की तस्करी के कई नए तरीके सामने आए हैं। कुछ तस्कर प्रतिबंधित कफ सिरप और अन्य नशीली दवाओं का इस्तेमाल नशे के विकल्प के रूप में कर रहे हैं। ऐसे मामलों पर पुलिस की विशेष नजर है और लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे किन क्षेत्रों में पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले को लेकर नदी थाना में कांड संख्या 222/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद (संशोधित) अधिनियम-2018 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस सफल अभियान में नदी थानाध्यक्ष सद्दाम हुसैन के अलावा पुलिस अवर निरीक्षक विवेक कुमार, सहायक अवर निरीक्षक संतोष कुमार, सहायक अवर निरीक्षक मनोज कुमार, राजेश कुमार, सशस्त्र बल और गृहरक्षक जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने अभियान में शामिल सभी कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सघन जांच अभियान से अपराधियों और तस्करों में भय का माहौल बना है। लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिल रही है। फिलहाल पुलिस बरामद नशीले कफ सिरप की आपूर्ति श्रृंखला, उसके स्रोत और वितरण नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।


