बिहार में दोहरा मौसम: दक्षिण में झुलसाने वाली गर्मी, उत्तर के 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

  • अगले दो दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री बढ़ने की संभावना, कैमूर और रोहतास में पारा 40 डिग्री के पार
  • 15 जून तक मानसून के बिहार पहुंचने के आसार, 10 जून के बाद मौसम में राहत की उम्मीद

पटना। बिहार इन दिनों दोहरे मौसम की मार झेल रहा है। राज्य के दक्षिणी हिस्से में जहां तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, वहीं उत्तर बिहार के कई जिलों में आंधी, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर बिहार के 14 जिलों के लिए बारिश और तेज हवाओं को लेकर पीला चेतावनी संकेत जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक राज्य के तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे दक्षिण बिहार के जिलों में गर्मी का प्रकोप और बढ़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के कई हिस्सों में मौसम का अलग-अलग स्वरूप देखने को मिला। कैमूर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा रोहतास में 40.4 डिग्री, बक्सर में 39.6 डिग्री तथा राजधानी पटना में लगभग 38 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। तापमान में लगातार वृद्धि के कारण लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर उत्तर बिहार के कई जिलों में मौसम ने करवट ली। अरवल और नवादा में लगभग 68 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चली, जबकि किशनगंज में हल्की वर्षा दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वातावरण में नमी और स्थानीय दबाव तंत्र के कारण कई क्षेत्रों में बादल बन रहे हैं और कहीं-कहीं वर्षा भी हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 जून के बाद राज्य के मौसम में कुछ राहत देखने को मिल सकती है। तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना व्यक्त की गई है। हालांकि तब तक अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। राजधानी पटना में सोमवार को मौसम गर्म बने रहने की संभावना है। दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन धूप और उमस का प्रभाव बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। शाम के समय बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है, हालांकि वर्षा की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है। इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब तक देश के 12 राज्यों तक पहुंच चुका है। केरल, कर्नाटक, मणिपुर, नागालैंड और मिजोरम सहित कई राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वर्तमान गति बनी रही तो 15 जून तक मानसून बिहार में प्रवेश कर सकता है। प्रदेश में मानसून के पूर्णिया और किशनगंज के रास्ते प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान मौसम की स्थिति के पीछे बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं और उत्तर भारत में सक्रिय गर्म हवाओं के बीच बन रहा दबाव अंतर मुख्य कारण है। दिन में तेज धूप के कारण धरती तेजी से गर्म हो रही है, जबकि पूर्वी हवाएं वातावरण में नमी ला रही हैं। इन दोनों परिस्थितियों के टकराव से कई जिलों में बादल, गरज-चमक और हल्की बारिश जैसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। इसे मानसून पूर्व गतिविधियों का प्रभाव माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को मौसम में हो रहे लगातार बदलाव के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण शरीर में पानी की कमी, थकान और तापजनित तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं आंधी, वज्रपात और तेज हवाएं किसानों, मजदूरों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। बिहार इस समय गर्मी और मानसून पूर्व गतिविधियों के मिश्रित प्रभाव से गुजर रहा है। जहां दक्षिणी जिलों में लोगों को अभी कुछ दिन और गर्मी का सामना करना पड़ेगा, वहीं उत्तर बिहार के कई इलाकों में बारिश और आंधी राहत के साथ चुनौतियां भी लेकर आ रही हैं। आने वाले दिनों में मानसून की दस्तक के साथ मौसम में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

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