पानी से भरे टब में गिरने से तीन वर्षीय मासूम की मौत, परिवार में मचा कोहराम
- सुपौल के बिशनपुर शिवराम पंचायत में दर्दनाक हादसा, खेलते-खेलते अचानक लापता हुई थी बच्ची
- परिजनों ने खोजबीन के दौरान टब से निकाला, अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत
सुपौल। जिले के बलुआ बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत बिशनपुर शिवराम पंचायत में सोमवार की देर शाम घटी एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। घर के पास खेल रही तीन वर्षीय मासूम बच्ची पानी से भरे एक टब में गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जहां परिवार में मातम छा गया है, वहीं पूरे गांव में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है। मृतक बच्ची की पहचान बिशनपुर शिवराम पंचायत के वार्ड संख्या-1 निवासी ब्रजेश कुमार राम की तीन वर्षीय पुत्री वैष्णवी कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार वैष्णवी रोज की तरह घर के आसपास खेल रही थी। घर के समीप स्थित चापाकल के पास वह अन्य दिनों की तरह खेलकूद में व्यस्त थी। इसी दौरान अचानक वह परिजनों की नजरों से ओझल हो गई। शुरुआत में परिवार के लोगों ने यह समझा कि बच्ची आसपास ही खेल रही होगी, लेकिन काफी देर तक दिखाई नहीं देने पर चिंता बढ़ने लगी। इसके बाद परिजनों ने घर और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की। परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग अलग-अलग स्थानों पर बच्ची को खोजने में जुट गए। इसी दौरान चापाकल के पास रखे पानी से भरे एक बड़े टब पर नजर गई। जब लोगों ने टब के भीतर देखा तो वहां मासूम वैष्णवी गिरी हुई मिली। यह दृश्य देखते ही परिवार के लोगों के होश उड़ गए। आनन-फानन में बच्ची को टब से बाहर निकाला गया और तुरंत इलाज के लिए वीरपुर अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। परिजनों को उम्मीद थी कि समय रहते उपचार मिलने पर बच्ची की जान बचाई जा सकेगी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र दीपक ने बताया कि बच्ची को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि पानी में डूबने के कारण उसकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। चिकित्सकों ने पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मासूम बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक मासूम की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब केवल मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना देने का प्रयास किया। मृतका के पिता ब्रजेश कुमार राम ने बताया कि उन्हें अब तक यह समझ नहीं आ रहा है कि उनकी बेटी कब चापाकल के पास पहुंची और कैसे पानी से भरे टब में गिर गई। उन्होंने कहा कि बच्ची के अचानक गायब होने के बाद पूरे परिवार ने उसकी खोजबीन शुरू की थी। काफी तलाश के बाद जब वह टब में मिली तो परिवार के लोग पूरी तरह टूट गए। ग्रामीणों ने भी इस घटना को बेहद दर्दनाक बताया है। उनका कहना है कि छोटी-सी असावधानी ने एक परिवार से उसकी सबसे अनमोल खुशी छीन ली। गांव के लोगों का मानना है कि घरों के आसपास रखे पानी से भरे बर्तन, टब या अन्य जल स्रोत छोटे बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इस घटना ने अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता का संदेश दिया है। दूसरी ओर, बलुआ बाजार थाना पुलिस को घटना की औपचारिक सूचना नहीं दी गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि देर रात तक इस संबंध में कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था। चूंकि यह एक दुर्घटनावश हुई घटना प्रतीत हो रही है, इसलिए फिलहाल पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि आवश्यकता पड़ने पर मामले की जांच की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर जरा-सी लापरवाही भी बड़े दुख का कारण बन सकती है। विशेष रूप से घरों के आसपास रखे पानी से भरे टब, बाल्टी और अन्य खुले जल स्रोत बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। वैष्णवी की असामयिक मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है और हर आंख नम कर दी है। अब हर कोई यही कह रहा है कि काश, यह दर्दनाक हादसा टल जाता और मासूम वैष्णवी आज अपने परिवार के बीच सुरक्षित होती।


