मानसून की दस्तक के बावजूद बिहार में उमस का कहर, 24 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
- 14 जिलों में नारंगी चेतावनी और 10 जिलों में पीली चेतावनी जारी, तेज हवाओं के साथ वर्षा की संभावना
- मानसूनी बारिश से किसानों को राहत, लेकिन अधिकांश इलाकों में गर्मी और नमी ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
पटना। दक्षिण-पश्चिम मानसून के बिहार में प्रवेश करने के बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लोगों को भीषण उमस और तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है। मानसून की दस्तक से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद थी, वहीं फिलहाल कई जिलों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। एक ओर कुछ क्षेत्रों में वर्षा हो रही है, तो दूसरी ओर कई जिलों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के 24 जिलों के लिए आंधी और वर्षा की चेतावनी जारी की है। इनमें 14 जिलों के लिए नारंगी चेतावनी तथा 10 जिलों के लिए पीली चेतावनी घोषित की गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रभावित जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना भी जताई गई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम का अलग-अलग स्वरूप देखने को मिला। सुपौल जिले में अच्छी वर्षा दर्ज की गई, जबकि राजधानी पटना और शेखपुरा सहित कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड किया गया। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। दिनभर तेज धूप और नमी के कारण वातावरण अत्यधिक असहज बना रहा मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के बिहार पहुंचने का अर्थ यह नहीं है कि पूरे राज्य में एक साथ लगातार और व्यापक वर्षा शुरू हो जाएगी। मानसूनी प्रणाली धीरे-धीरे सक्रिय होती है और अलग-अलग क्षेत्रों में इसका प्रभाव अलग समय पर दिखाई देता है। वर्तमान समय में बिहार के कई हिस्सों में बादलों और धूप का मिश्रित प्रभाव देखने को मिल रहा है। जहां वर्षा नहीं हो रही है, वहां वातावरण में नमी बढ़ने और सूर्य की तीखी किरणों के कारण उमस अधिक महसूस हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के शुरुआती चरण में अक्सर ऐसी स्थिति बनती है, जब बादल छाए रहते हैं लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होती। इस कारण वातावरण में मौजूद नमी गर्मी को और अधिक असहनीय बना देती है। यही वजह है कि लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक गर्मी महसूस हो रही है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। राजधानी पटना में भी मौसम का यही स्वरूप बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को शहर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में हल्की वर्षा हो सकती है, लेकिन दिन के समय उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। तेज धूप और नमी के कारण लोगों को दिनभर असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले दिनों में उत्तर और पूर्व बिहार के जिलों में वर्षा की संभावना अधिक बनी हुई है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। वहीं दक्षिणी और मध्य बिहार के कुछ जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है। अगले तीन से चार दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि मौसम की यह स्थिति किसानों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसूनी वर्षा से खेतों में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों की बुआई तथा धान की रोपाई में तेजी आएगी। राज्य के कई हिस्सों में किसान पहले से ही खेती की तैयारियों में जुटे हुए हैं। ऐसे में वर्षा का पानी उनके लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त नमी उपलब्ध होने से किसानों की सिंचाई पर निर्भरता कम होगी, जिससे कृषि लागत में भी कमी आएगी। धान उत्पादक क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता खेती के लिए अनुकूल मानी जा रही है। यदि आने वाले दिनों में नियमित वर्षा होती है तो इसका सकारात्मक प्रभाव कृषि उत्पादन पर भी देखने को मिलेगा। फिलहाल बिहार में मौसम का दोहरा स्वरूप बना हुआ है। एक ओर मानसून ने दस्तक देकर वर्षा की उम्मीद जगाई है, वहीं दूसरी ओर उमस और तेज धूप लोगों की परेशानियां बढ़ा रही है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।


