बिहार के भ्रष्ट सब रजिस्टार की नौकरी खत्म,फ्लैट से लेकर दुकान तक ज़ब्त, करप्शन की काली कमाई पर सर्जिकल स्ट्राइक

पटना। बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में समस्तीपुर के तत्कालीन सब-रजिस्ट्रार मणिरंजन को तत्काल प्रभाव से सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। सरकार के इस कड़े फैसले के बाद अब मणिरंजन को पेंशन, ग्रेच्युटी या प्रोविडेंट फंड (PF) जैसी किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। इसके साथ ही, अदालत में उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी जारी रहेगा। बता दें कि साल 2021 में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने मणिरंजन के विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में उनकी वैध कमाई से 1 करोड़ 62 लाख 36 हजार 936 रुपए अधिक की अवैध संपत्ति का पता चला था।

नगद राशि: ₹38.93 लाख कैश बरामद।
पटना में प्रॉपर्टी: राजधानी पटना में ₹1.03 करोड़ की कीमत का एक कीमती प्लॉट और एक आलीशान फ्लैट।
मॉल में हिस्सेदारी: मुजफ्फरपुर के एक प्रतिष्ठित मॉल में दुकान के मालिकाना हक के दस्तावेज़।
अन्य जमीनें: कटिहार जिले में करोड़ों रुपए मूल्य की ज़मीन के पेपर्स।
2010 में शुरू हुआ सफर, 2026 में हुआ अंत
​मणिरंजन के रसूख और फिर सेवा से बर्खास्तगी तक का सफरनामा कुछ इस तरह रहा:
साल 2010: मणिरंजन ने बिहार सरकारी सेवा में कदम रखा था।
साल 2021: विजिलेंस विभाग (SVU) ने उनके ठिकानों पर रेड मारकर काली कमाई को उजागर किया।
2 जून 2022: मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए।
​जून 2026: जांच आयुक्त की अंतिम रिपोर्ट में आरोप पूरी तरह सच साबित होने के बाद, सरकार ने उन्हें सीधे नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।

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