जीतनराम मांझी पर रोड़ेबाजी मामले में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

  • जहानाबाद से दबोचा गया फरार आरोपी, पहचान छिपाकर रिश्तेदार के घर में रह रहा था
  • हमले के पीछे साजिश की आशंका, पुलिस कर रही अन्य आरोपियों और मकसद की गहन जांच

गया। गया जिले के खिजरसराय में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर हुए रोड़ेबाजी हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। घटना के मुख्य आरोपी मनीष यादव को पुलिस ने जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र स्थित गराई बीघा गांव से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी घटना के बाद फरार चल रहा था और अपनी पहचान छिपाकर एक रिश्तेदार के घर में रह रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी खिजरसराय क्षेत्र के एक निजी विद्यालय में आयोजित समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान अचानक कुछ लोगों ने मंच की ओर रोड़े फेंकने शुरू कर दिए। इस अप्रत्याशित घटना से समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए वहां मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया और केंद्रीय मंत्री को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी। प्रारंभिक जांच में मनीष यादव का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया, लेकिन वह फरार होने में सफल रहा। बाद में तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस को उसके ठिकाने की जानकारी मिली, जिसके बाद जहानाबाद जिले के गराई बीघा गांव में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के समय आरोपी अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था ताकि वह कानून की गिरफ्त से बच सके। हालांकि लगातार निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ने में सफलता हासिल कर ली। अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी। इस मामले में पुलिस पहले ही दो नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले चुकी है। घटना के दिन दोनों नाबालिगों को मौके से पकड़ा गया था। जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी मंच की ओर एक और रोड़ा फेंका गया था। इस तथ्य ने पुलिस की आशंकाओं को और मजबूत कर दिया है कि हमला केवल कुछ व्यक्तियों की व्यक्तिगत हरकत नहीं था, बल्कि इसके पीछे किसी सुनियोजित साजिश की संभावना हो सकती है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि घटना की प्रकृति को देखते हुए सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। अधिकारियों को संदेह है कि हमले में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर योजना बनाई हो। इसी कारण पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, उसके संपर्कों और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। खिजरसराय थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि हमले का वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या किसी संगठन या समूह की ओर से इस घटना को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के लिए आर्थिक या अन्य प्रकार का सहयोग किसने उपलब्ध कराया। केंद्रीय मंत्री पर हुए इस हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूछताछ से प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि इससे पूरे मामले की सच्चाई जल्द सामने आएगी।

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