कौन है सॉल्वर गैंग का सरगना ‘पीके’, खुल गया राज : वाराणसी पुलिस की पटना और छपरा में छापा, सरगना परिवार संग फरार, 8 रडार पर

पटना/वाराणसी। नीट में धांधली के प्रयास में लगे सॉल्वर गैंग के सरगना पीके की तलाश में वाराणसी पुलिस ने रविवार को बिहार के पटना और छपरा में छापा मारा। पीके की गिरफ्तारी के लिए वाराणसी में कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें साल्वर गैंग के सरगना की तलाश पटना, त्रिपुरा व बेंगलुरु में करने के लिए जुट गई है। पीके के करीबियों से पूछताछ में पता चला है कि वह परिवार के साथ कोलकाता की ओर भागा है। उसने अपने सारे मोबाइल भी बंद कर रखे हैं। पुलिसिया दबिश के दौरान पीके की तस्वीर पहली बार पुलिस के हाथ लगी है, जो पुलिस के लिए तुरूप का पत्ता साबित होगा।
पुलिस के मुताबिक, पीके का असली नाम नीलेश कुमार (पुत्र कमलवंश नारायण सिंह) है। वह बिहार के सारण जिले के ग्राम सेंधवा थाना क्षेत्र के एकमा का मूल निवासी है। पीके लग्जरी कार, आलीशान मकान व पार्टियों का शौकीन है। पीके ने पटना के पाटलिपुत्र में 4 मंजिला आलीशान मकान बनवा रखा है। पीके अपनी कॉलोनी के लोगों को खुद को डॉक्टर बताता था। पुलिस ने दबिश दी तो पीके की असलियत जानकार उसके कॉलोनी के लोग सन्न रह गए। सेंधवा गांव स्थित पीके के घर पुलिस पहुंची तो पता लगा कि वहां उसने लोगों को खुद को बिजनेसमैन बता रखा है।
बता दें पिछले कई सालों से पीके उफ नीलेश कुमार साल्वर गैंग चला रहा था। लेकिन पहली बार पीके का नाम सामने आया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए वाराणसी में कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें साल्वर गैंग के सरगना की तलाश पटना, त्रिपुरा व बेंगलुरु में करेगी। अभी तक साल्वर गैंग से जुड़े छह शातिर जेल जा चुके हैं और आठ से अधिक शातिर रडार पर हैं।
यूपी पुलिस की एक टीम त्रिपुरा रवाना
नीट परीक्षा की मूल अभ्यर्थी हिना बिस्वास थी। उसकी जगह बीते 12 सितंबर को बीएचयू बीडीएस की छात्रा जूली कुमारी वाराणसी के सारनाथ स्थित स्कूल में नीट परीक्षा में बैठी थी। हिना बिस्वास के पिता गोपाल बिस्वास दवा कारोबारी हैं। गोपाल का घर त्रिपुरा में है। वाराणसी पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि पिता-पुत्री की गिरफ्तारी के लिए त्रिपुरा पुलिस से संपर्क किया गया। पिता-पुत्री की धरपकड़ के लिए पुलिस की एक टीम त्रिपुरा रवाना की गई है।
कुछ मेडिकल छात्र भी शक के दायरे में
पुलिस अब तक की जांच के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि बीएचयू और केजीएमयू के कुछ अन्य मेडिकल छात्र भी सॉल्वर गैंग के संपर्क में हैं। उन मेडिकल छात्रों ने ही जूली कुमारी के बारे में सॉल्वर गैंग को पूरी जानकारी दी थी। इसके बाद गैंग का सदस्य विकास सक्रिय हुआ और उसने जूली के भाई अभय से मेलजोल बढ़ाया। फिर उसने अभय के घर जाकर उसकी मां बबिता देवी को 5 लाख रुपए का लालच देकर जूली को परीक्षा में बैठने के लिए राजी किया। पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि हम परत दर परत सॉल्वर गैंग की गुत्थी सुलझा रहे हैं। फिलहाल हमारी प्राथमिकता में पीके, हिना और गोपाल की गिरफ्तारी है। तय मानिए, इस गिरोह से जुड़ा एक भी सदस्य बच नहीं पाएगा। इस मामले में अब तक कुल छह लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
अंशु से जुड़े हैं तार
बीते शनिवार को खगड़िया से पकड़ा गया विकास कुमार महतो बीएससी पास है। उसने पुलिस को बताया कि पीके उर्फ नीलेश कुमार काफी समय से पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित बीएसएनएल टेलीफोन एक्सचेंज के सामने परिवार के साथ रहता है। पीके उर्फ नीलेश के साथ कई और लोग भी शामिल हैं। सॉल्वर बैठाकर नीट में एडमिशन के लिए केस कई लोग देते थे। उनमें लखनऊ के ओसामा शाहिद, अंशु सिंह और बबलू (जो बिहार के हैं और बेंगलुरु में रहते हैं) तथा त्रिपुरा में रहने वाला देबू को वह जानता है। ये लोग नीट परीक्षा में बैठने वाले लड़के-लड़कियों की तलाश करते थे जो कि फर्जी तरीके से परीक्षा पास करने के लिए इनसे संपर्क करते थे। उनके डॉक्यूमेंट व फोटो आदि तथा रुपए लेकर पीके को भेज देते थे।


एयर कूरियर सर्विस का उपयोग
बता दें शनिवार को वाराणसी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सॉल्वर गैंग के दो सदस्य विकास कुमार महतो और राजू कुमार ने चौंकाने वाली जानकारी दी थी। दोनों ने बताया था कि उनका गिरोह अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और एडमिट कार्ड मंगवाने के लिए हमेशा एयर कूरियर सर्विस का इस्तेमाल करता था। इससे फायदा यह होता था कि कूरियर कंपनी का डिलीवरी बॉय कभी उनके ठिकाने तक नहीं आ पाता था। जब भी कूरियर आता था, वह एयरपोर्ट जाकर उसे खुद ही लेते थे। इसके अलावा सभी सदस्य फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड का उपयोग करते थे। एक सिम का एक हफ्ते से ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया जाता था। बातचीत के लिए व्हाट्सऐप मैसेज और कॉल का सहारा लिया जाता था।
अब तक गिरफ्तार सॉल्वर गैंग के 6 सदस्य
* विकास कुमार महतो, पुत्र स्वर्गीय उपेंद्र महतो, निवासी- ग्राम व पोस्ट बेला सिमरी, थाना खगड़िया, बिहार
* राजू कुमार, पुत्र ललन प्रसाद, निवासी- ग्राम चंदवारा पोस्ट देना, थाना काकू, जनपद जहानाबाद, बिहार
* डॉ. ओसामा शाहिद, पुत्र मकबूल अहमद, निवासी- शेखवाडा, थाना मोहम्मदाबाद, गोहना, जनपद मऊ।
* अभय कुमार मेहता, पुत्र मुन्ना मेहता, निवासी- वैष्णवी कॉलोनी, संदलपुर, थाना बहादुरपुर, जिला पटना।
* बीएचयू की बीडीएस सेकंड ईयर की छात्रा जूली कुमारी, पटना के संदलपुर वैष्णवी कॉलोनी निवासी।
* जूली की मां बबिता।

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