August 12, 2026

पटना में फुटपाथ पर सब्जी बेच रही बुजुर्ग महिला से मारपीट, विरोध करने पर दवा दुकानदार पर चाकू से हमला

  • सब्जियां सड़क पर फेंकने और महिला की पिटाई का आरोप, राहगीर के विरोध के बाद दो पक्षों में भिड़ंत
  • घटना कैमरे में कैद, पुलिस ने फुटेज कब्जे में लेकर शुरू की जांच

पटना। राजधानी पटना के अगमकुआं थाना क्षेत्र में फुटपाथ पर सब्जी बेचकर परिवार का गुजारा कर रही एक बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट और उसकी सब्जियां सड़क पर फेंकने का मामला सामने आया है। महिला ने इलाके के एक दवा दुकानदार पर मारपीट करने और उसे वहां से हटाने का आरोप लगाया है। घटना के दौरान महिला के साथ हो रही कथित मारपीट का एक राहगीर ने विरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और दो पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान भीड़ में शामिल किसी व्यक्ति ने दवा दुकानदार पर नुकीले हथियार से हमला कर दिया। घायल दुकानदार को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
सब्जी बेचने को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, अगमकुआं थाना क्षेत्र में सड़क किनारे फुटपाथ पर एक बुजुर्ग महिला पिछले करीब एक महीने से सब्जी बेच रही थी। महिला का कहना है कि वह इसी काम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थी। उसके अनुसार, पिछले चार महीने से विधवा पेंशन नहीं मिलने के कारण आर्थिक परेशानी बढ़ गई थी। मजबूरी में उसने फुटपाथ पर सब्जी बेचकर परिवार चलाने का रास्ता अपनाया। महिला का आरोप है कि दवा दुकानदार आशुतोष झा ने उसकी सब्जियां सड़क पर फेंक दीं और उसे वहां से चले जाने को कहा। उसने दुकानदार से यह भी कहा कि आसपास कई अन्य लोग फुटपाथ पर दुकान लगाते हैं, लेकिन केवल उसे ही वहां से हटाया जा रहा है। महिला के मुताबिक, इसी विवाद के दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई।
राहगीर ने किया विरोध, फिर बढ़ गई बात
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला के साथ कथित मारपीट होते देखकर वहां से गुजर रहे एक युवक ने इसका विरोध किया। उसने महिला को बचाने का प्रयास किया। इसी बात को लेकर दवा दुकानदार और युवक के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। घटना के दौरान आसपास मौजूद कुछ अन्य लोग भी वहां पहुंच गए। इसी बीच भीड़ में शामिल किसी व्यक्ति ने आशुतोष झा पर नुकीले हथियार से हमला कर दिया। हमले में वे घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।
घायल दुकानदार अस्पताल में भर्ती
हमले में घायल आशुतोष झा को तत्काल इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई है। घटना की जानकारी मिलते ही अगमकुआं थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग अपने कब्जे में ले ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी घटना कैमरे में कैद होने की जानकारी मिली है। इसलिए फुटेज की जांच के आधार पर घटनाक्रम को समझने और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
फुटेज से सामने आएगा घटनाक्रम
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह स्पष्ट करना है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और दवा दुकानदार पर हमला किसने किया। इसके अलावा बुजुर्ग महिला के साथ कथित मारपीट और उसकी सब्जियां सड़क पर फेंके जाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग को जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पक्ष के आरोप को बिना जांच के सही नहीं माना जाएगा।
महिला ने बताई आर्थिक मजबूरी
पीड़ित महिला ने बताया कि वह लंबे समय से आर्थिक परेशानियों से जूझ रही है। पति की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधों पर है। उसने बताया कि चार महीने से विधवा पेंशन नहीं मिली थी। इसी कारण वह पिछले एक महीने से सड़क किनारे सब्जी बेचकर अपना और परिवार का खर्च चलाने की कोशिश कर रही थी। महिला के अनुसार, फुटपाथ पर थोड़ी जगह घेरकर सब्जी बेचना ही उसके लिए आमदनी का साधन था। उसने आरोप लगाया कि दवा दुकानदार ने उसकी मजबूरी को समझने के बजाय सब्जियां फेंक दीं और उसे वहां से हटाने का प्रयास किया।
पुलिस करेगी आरोपियों की पहचान
अगमकुआं थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों के साथ निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दवा दुकानदार पर हमला करने वाला व्यक्ति कौन था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
फुटपाथ पर कारोबार और विवाद का सवाल
यह घटना केवल मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर में फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे दुकानदारों और स्थायी दुकानों के बीच जगह को लेकर होने वाले विवाद की ओर भी ध्यान खींचती है। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले लोगों के लिए आजीविका का सवाल जुड़ा है, जबकि सड़क और फुटपाथ के व्यवस्थित उपयोग को लेकर प्रशासन की अपनी जिम्मेदारी है। अगमकुआं की घटना में भी एक मामूली विवाद कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गया। अब पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि महिला के साथ वास्तव में क्या हुआ, मारपीट की शुरुआत किसने की और दवा दुकानदार पर हमला करने वाला व्यक्ति कौन था। फिलहाल पुलिस निगरानी कैमरों के फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।

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