आज शाम बिहार कैबिनेट की अहम बैठक, कई प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शाम 5 बजे होगी बैठक, सभी विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहेंगे मौजूद
- बैठक के बाद शाम 6 बजे सरकार बताएगी फैसले, पिछली बैठक में 17 प्रस्तावों को मिली थी मंजूरी
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज बिहार मंत्रिमंडल की अहम बैठक होने जा रही है। मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में शाम 5 बजे प्रस्तावित बैठक में सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक में सभी विभागों के मंत्री और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। सरकार की ओर से बैठक में रखे जाने वाले प्रस्तावों को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन कई विभागों से जुड़े नीतिगत और प्रशासनिक फैसलों पर मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। बैठक के बाद शाम 6 बजे मंत्रिमंडल की जानकारी साझा की जाएगी। इसमें बैठक में लिए गए फैसलों, स्वीकृत प्रस्तावों और सरकार की आगामी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। ऐसे में आज होने वाली बैठक पर प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।
पिछली बैठक में 17 प्रस्तावों पर लगी थी मुहर
बिहार मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। इनमें स्वास्थ्य, न्याय, खेल और शिक्षा समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े निर्णय शामिल थे। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निजी-सार्वजनिक भागीदारी व्यवस्था के तहत 16 चिकित्सा महाविद्यालयों में पढ़ाई शुरू कराने की योजना को मंजूरी दी थी। इसमें दंत चिकित्सा महाविद्यालय भी शामिल हैं। इन संस्थानों के संचालन और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए परामर्शी संस्था की नियुक्ति का निर्णय भी लिया गया था। सरकार का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है।
लंबित मामलों के लिए विशेष अदालतों को मंजूरी
पिछली मंत्रिमंडल बैठक में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत लंबित मामलों के जल्द निपटारे की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। इसके तहत बिहार के 19 जिलों में विशेष न्यायालय स्थापित करने की मंजूरी दी गई थी। इन विशेष अदालतों में केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित मामलों की सुनवाई की जानी है। इनके संचालन के लिए 171 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई थी। सरकार का मानना है कि अलग अदालतों की व्यवस्था से ऐसे मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने की प्रक्रिया मजबूत होगी। इसके अलावा पूर्णिया, भागलपुर और गया में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए तीन विशेष अदालतें स्थापित करने का फैसला लिया गया था। इनके संचालन के लिए 27 नए पद सृजित करने की मंजूरी दी गई।
राजगीर में बनेगा अत्याधुनिक खेल विज्ञान केंद्र
खेल के क्षेत्र में भी पिछली बैठक में बड़ा फैसला लिया गया था। राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी परिसर में अत्याधुनिक खेल विज्ञान केंद्र स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस केंद्र में खिलाड़ियों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के आधार पर प्रशिक्षण देने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। केंद्र के संचालन और रखरखाव के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन तथा आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने को भी मंजूरी दी गई है। इससे खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, प्रशिक्षण और प्रदर्शन का वैज्ञानिक तरीके से आकलन करने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी करने वाले खिलाड़ियों को इसका लाभ मिल सकता है।
केंद्रीय विद्यालय के लिए 30 साल की लीज पर जमीन
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक अन्य फैसले में पूर्वी चंपारण के पीपरा कोठी में सरकारी जमीन पर केंद्रीय विद्यालय के संचालन के लिए शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को 30 वर्ष की लीज पर भूमि उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई थी। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। सरकार की आज की बैठक में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, रोजगार, बुनियादी ढांचे और अन्य विभागों से जुड़े प्रस्ताव सामने आ सकते हैं। हालांकि इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा के बाद ही होगा।
शाम की जानकारी पर टिकी नजर
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद शाम 6 बजे होने वाली जानकारी साझा करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। इसमें सरकार की ओर से बैठक में लिए गए सभी प्रमुख फैसलों को सार्वजनिक किया जाएगा। आम लोगों के साथ-साथ विभिन्न विभागों और संबंधित संस्थानों की नजर भी इन फैसलों पर रहेगी। बिहार सरकार लगातार प्रशासनिक व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, न्याय और खेल जैसे क्षेत्रों में योजनाओं को गति देने पर जोर दे रही है। ऐसे में आज की बैठक में लिए जाने वाले फैसले आने वाले दिनों में राज्य की नीतियों और विकास योजनाओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि किन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलती है, इसकी स्पष्ट तस्वीर शाम की मंत्रिमंडलीय जानकारी के बाद ही सामने आएगी।


